बांसवाड़ा में बीएड कॉलेज निदेशक समेत तीन विद्यार्थी से रिश्वत लेते अरेस्ट

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बांसवाड़ा। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को बड़ोदिया स्थित ग्लोबल बीएड कॉलेज में कार्रवाई करते हुए निदेशक सिद्धांत जैन, राजनीति विज्ञान की व्याख्याता सुनीता जैन और रसायन विज्ञान के अध्यापक भूपेन्द्र जैन को गिरफ्तार किया। एसीबी के अनुसार विद्यार्थियों से कम उपस्थिति के बावजूद पूरे वर्ष सहयोग करने और इंटर्नशिप का रिलीविंग लेटर जारी करने के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई।

एसीबी की जांच के अनुसार शिकायत के सत्यापन के दौरान प्रत्येक विद्यार्थी से 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगने की बात सामने आई। इसके बाद बांसवाड़ा इकाई ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। शुक्रवार को अध्यापक भूपेन्द्र जैन को एक सहपरिवादी विद्यार्थी से 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। इसके बाद मामले में कथित भूमिका सामने आने पर कॉलेज निदेशक सिद्धांत जैन और व्याख्याता सुनीता जैन को भी गिरफ्तार किया गया।

कम हाजिरी और इंटर्नशिप लेटर के नाम पर रिश्वत का आरोप

एसीबी के मुताबिक, बांसवाड़ा इकाई को कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों की ओर से शिकायत मिली थी। आरोप था कि कम उपस्थिति होने के बावजूद पूरे शैक्षणिक वर्ष में सहयोग करने और इंटर्नशिप पूरी होने के बाद रिलीविंग लेटर जारी करने के बदले कॉलेज के जिम्मेदार लोग रिश्वत की मांग कर रहे थे।

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने रिश्वत मांग का सत्यापन कराया। इस दौरान कथित तौर पर प्रत्येक विद्यार्थी से 20 हजार रुपए मांगे जाने और राशि लेने पर सहमति बनने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने आरोपियों को पकड़ने के लिए ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।

पांच हजार रुपए लेते ही पकड़ा अध्यापक

एसीबी की टीम ने शुक्रवार को कार्रवाई के दौरान रसायन विज्ञान के अध्यापक भूपेन्द्र जैन को सहपरिवादी विद्यार्थी से 5 हजार रुपए लेते हुए पकड़ लिया। ब्यूरो के अनुसार निदेशक सिद्धांत जैन और राजनीति विज्ञान की व्याख्याता सुनीता जैन की भूमिका भी रिश्वत की मांग के सत्यापन में सामने आई थी। इसी आधार पर दोनों को भी गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई उदयपुर रेंज के प्रभारी पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के सुपरविजन में तथा एसीबी बांसवाड़ा के पुलिस उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में की गई।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांच

एसीबी ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। मामले में आरोपों की कानूनी जांच और आगे की कार्रवाई जारी है। यह मामला विद्यार्थियों की उपस्थिति और इंटर्नशिप से जुड़े दस्तावेज जारी करने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सामने आया है। हालांकि, आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।