‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता में अजमेर के राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल ने मारी बाजी, अब क्षेत्रीय स्तर पर दिखाएंगे दम

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संकल्प सिंह तोमर और आर्यन बिश्नोई ने कनिष्ठ वर्ग में हासिल किया पहला स्थान
अजमेर। भारत विकास परिषद की प्रांतीय स्तर की ‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता में अजमेर के राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए कनिष्ठ वर्ग में प्रथम स्थान हासिल किया। संकल्प सिंह तोमर और आर्यन बिश्नोई की इस सफलता के साथ अब टीम क्षेत्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अजमेर मुख्य शाखा का प्रतिनिधित्व करेगी। यह प्रतियोगिता 22 नवंबर 2026 को भीलवाड़ा में आयोजित होगी।

भारत विकास परिषद के राजस्थान मध्य प्रांत की ओर से शाहपुरा में आयोजित प्रांतीय प्रतियोगिता में अजमेर, भीलवाड़ा, राजसमंद और ब्यावर सहित चार जिलों की 31 शाखाओं के 61 विजेता दलों ने हिस्सा लिया। विभिन्न शाखाओं की टीमों के बीच हुए मुकाबले में राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल की टीम ने कनिष्ठ वर्ग में पहला स्थान प्राप्त किया।

गुलाबपुरा दूसरे और राजसमंद वरिष्ठ वर्ग में प्रथम

कनिष्ठ वर्ग में राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल अजमेर की टीम पहले स्थान पर रही, जबकि गुलाबपुरा शाखा की टीम ने दूसरा स्थान हासिल किया। वरिष्ठ वर्ग में राजसमंद शाखा की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रांतीय स्तर पर जीत दर्ज करने के बाद संकल्प सिंह तोमर और आर्यन बिश्नोई के सामने अब क्षेत्रीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा साबित करने की चुनौती होगी। भीलवाड़ा में होने वाली प्रतियोगिता में वे अजमेर मुख्य शाखा की ओर से भाग लेंगे।

विजेता विद्यार्थियों का किया सम्मान

प्रतियोगिता में सफलता के बाद आयोजित अभिनंदन समारोह में भारत विकास परिषद के अजमेर मुख्य शाखा अध्यक्ष रमेश चंद जाजू, शाखा संरक्षक सुरेश चंद गोयल और प्रांतीय संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेश चंद्र गाबा ने विजेता विद्यार्थियों को मोमेंटो और प्रमाण-पत्र प्रदान किए। इस दौरान विद्यार्थियों की उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्हें आगामी क्षेत्रीय प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दी गईं।समारोह में विद्यालय के डॉ. अतुल वर्मा और आरएन मीणा को भी स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

भारतीय इतिहास और संस्कृति से जोड़ती है प्रतियोगिता

भारत विकास परिषद के प्रांतीय संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेश चंद्र गाबा ने कहा कि ‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के साथ उनमें राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान विकसित करने का माध्यम है।

उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों को भारत के गौरवशाली इतिहास, महापुरुषों, सांस्कृतिक परंपराओं, राष्ट्रीय उपलब्धियों और देश की विविधता में एकता जैसे विषयों की जानकारी मिलती है। इससे विद्यार्थियों की सामान्य ज्ञान क्षमता बढ़ने के साथ उन्हें अपनी राष्ट्रीय विरासत को समझने का अवसर भी मिलता है।