अजमेर में दो प्रतिष्ठानों पर 20 हजार रुपए जुर्माना, इलेक्ट्रॉनिक कांटों का सत्यापन नहीं कराने पर कार्रवाई

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अजमेर। उपभोक्ताओं को सही मात्रा में सामान उपलब्ध कराने और पैकेजिंग नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शुक्रवार को अजमेर जिले में औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक कांटों का सत्यापन नहीं पाए जाने पर दो प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।

विधिक माप विज्ञान अधिकारी भावना दयाल ने बकरा मंडी स्थित सालासर बालाजी ऑयल मिल और शंकर नमकीन उद्योग का निरीक्षण किया। जांच में दोनों प्रतिष्ठानों के पैकेटों पर दर्ज शुद्ध मात्रा सही पाई गई। साथ ही पैकेटों पर नियमों के अनुसार आवश्यक जानकारियां भी अंकित मिलीं। हालांकि, निरीक्षण के दौरान इलेक्ट्रॉनिक कांटों का वैधानिक सत्यापन नहीं पाया गया।

दोनों प्रतिष्ठानों पर 10-10 हजार का जुर्माना

इलेक्ट्रॉनिक कांटों का सत्यापन नहीं होने को विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 के प्रावधानों का उल्लंघन मानते हुए दोनों प्रतिष्ठानों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। विभाग के अनुसार कुल 20 हजार रुपए की राशि मौके पर ही ऑनलाइन जमा करवा ली गई। इसके अलावा, संबंधित प्रतिष्ठानों को सात दिन के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर इलेक्ट्रॉनिक कांटों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

दो अन्य नमकीन इकाइयों में मिली नियमों की पालना

निरीक्षण दल ने कमंडलपुरा स्थित कमल नमकीन और शास्त्री नगर स्थित शिव शक्ति नमकीन का भी जायजा लिया। विभागीय जांच में इन दोनों प्रतिष्ठानों के पैकेटों पर दर्ज शुद्ध मात्रा सही मिली। पैकेटों पर आवश्यक सूचनाओं का अंकन भी नियमानुसार पाया गया। यहां इस्तेमाल किए जा रहे इलेक्ट्रॉनिक कांटों का सत्यापन भी अद्यतन मिला।

व्यापारियों को नियमों की पालना के निर्देश

विधिक माप विज्ञान अधिकारी भावना दयाल ने व्यापारियों और पैकर्स को निर्देश दिए कि पैकेटों में निर्धारित शुद्ध मात्रा सुनिश्चित करने के साथ सभी अनिवार्य जानकारियां स्पष्ट रूप से अंकित करें। उन्होंने पैकेज्ड कमोडिटी से संबंधित पंजीकरण आवश्यकताओं की पालना करने और सभी तौल-माप उपकरणों का समय पर सत्यापन कराने पर भी जोर दिया।