उज्जैन में इंस्टाग्राम दोस्त से मिलने पहुंची युवती के साथ यौन हिंसा का आरोप

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उज्जैन/इंदौर। मध्य प्रदेश के उज्जैन में सोशल मीडिया के जरिए हुई दोस्ती के बाद मुलाकात करने पहुंची इंदौर की 20 वर्षीय युवती ने चलती कार में उसके साथ यौन हिंसा, मारपीट और अमानवीय व्यवहार किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि वह इंस्टाग्राम पर दोस्त बने युवक के बुलाने पर उज्जैन आई थी। मामले में नानाखेड़ा थाना पुलिस ने उसके लिखित आवेदन के आधार पर दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, युवती ने अपने बयान और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एक से अधिक लोगों के घटना में शामिल होने का आरोप लगाया है।

इंस्टाग्राम पर हुई थी दोस्ती, मिलने उज्जैन आई युवती

पुलिस के अनुसार युवती की कुछ महीने पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से उज्जैन निवासी चक्रेश जैन से दोस्ती हुई थी। दोनों पहले भी एक-दो बार मिल चुके थे। सोमवार को चक्रेश ने उसे मिलने के लिए उज्जैन बुलाया। युवती बस से उज्जैन पहुंची और मेघदूत होटल के पास दोनों की मुलाकात हुई।

युवती के मुताबिक इसके बाद चक्रेश और उसका एक साथी उसे कार में लेकर निकले। उसने आरोप लगाया कि कार में घूमने के दौरान उसके साथ जबरदस्ती की गई। बाद में कुछ और लोग कार में सवार हुए और उसके साथ यौन हिंसा तथा मारपीट की गई।

कॉफी में नशीला पदार्थ मिलाने का भी आरोप

युवती ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि मुलाकात के दौरान उसे कॉफी पिलाई गई, जिसमें कथित तौर पर नशीला पदार्थ मिला हुआ था। उसका दावा है कि कॉफी पीने के बाद उसे चक्कर आने लगे और इसके बाद आरोपियों ने उसे कार में बैठाकर अपने साथ ले लिया।

उसने आरोप लगाया कि चलती कार में उसके साथ जबरन यौन कृत्य किए गए और उसके निजी अंगों में प्लास्टिक की वस्तु डालकर प्रताड़ित किया गया। युवती के अनुसार विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

रोते हुए भाई को किया फोन, फिर थाने पहुंची

युवती के अनुसार घटना के बाद उसे इंदौर में अरविंदो अस्पताल के पास छोड़ दिया गया। उसने रात करीब नौ बजे अपने नाबालिग भाई को फोन कर घटना की जानकारी दी। फोन पर उसकी हालत देखकर भाई उसे लेने पहुंचा। इसके बाद दोनों नानाखेड़ा थाने पहुंचे। युवती ने रात करीब 12 बजे पुलिस को लिखित शिकायत दी। पुलिस अधिकारियों ने उससे पूछताछ करने के बाद मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा।

पुलिस ने दो आरोपियों पर दर्ज किया केस

सीएसपी श्वेता गुप्ता और नानाखेड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र यादव ने युवती से पूछताछ की। पुलिस ने उसके लिखित आवेदन के आधार पर चक्रेश जैन सहित दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दोनों फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि युवती ने अपनी इच्छा से बस के जरिए उज्जैन आने की बात बताई है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

मेडिकल रिपोर्ट में निजी अंगों पर चोट नहीं मिली

सीएसपी श्वेता गुप्ता के अनुसार युवती का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। पुलिस के मुताबिक मेडिकल जांच में उसके निजी अंगों पर चोट के निशान नहीं मिले। हालांकि, पुलिस जांच में मेडिकल रिपोर्ट को अन्य उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के साथ देखा जाएगा। केवल मेडिकल जांच में चोट नहीं मिलने से शिकायत में लगाए गए यौन हिंसा के आरोप स्वतः सिद्ध या खारिज नहीं होते।

पुलिस के मुताबिक युवती पिछले दो-तीन वर्षों से अपने परिवार से अलग रह रही थी। फिलहाल पुलिस मामले में आरोपियों की तलाश के साथ घटना के दौरान कार में मौजूद लोगों और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।

वीडियो और एफआईआर के आरोपों में अंतर

मामले में सामने आए सोशल मीडिया वीडियो और पुलिस को दिए लिखित आवेदन के बीच आरोपों की संख्या को लेकर अंतर भी सामने आया है। युवती ने वीडियो में चार-पांच अन्य लोगों के शामिल होने की बात कही है, जबकि पुलिस ने फिलहाल दो लोगों के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना में वास्तव में कितने लोग शामिल थे और प्रत्येक की क्या भूमिका थी। जांच पूरी होने तथा अन्य साक्ष्य सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।