अजमेर। उपभोक्ताओं को सही वजन और पैकबंद वस्तुओं पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपभोक्ता मामले विभाग ने अजमेर जिले में विधिक माप विज्ञान नियमों के उल्लंघन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। 26 और 27 अक्टूबर को की गई जांच के दौरान कांटे-बांट की सत्यापन प्रक्रिया तथा पैकेजिंग लाइसेंस से जुड़ी अनियमितताएं सामने आने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई। दो दिवसीय अभियान में कुल 45 हजार रुपए के चालान बनाकर जुर्माना ऑनलाइन जमा कराया गया।
असत्यापित कांटे बेचने पर हार्डवेयर स्टोर के खिलाफ कार्रवाई
विभाग की टीम ने अजमेर के कबाड़ी बाजार स्थित जैसवाल हार्डवेयर स्टोर तथा योगेश कुमार और राजेश कुमार जैन के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। जांच में असत्यापित कांटे बेचने का मामला सामने आने पर विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 के तहत 10-10 हजार रुपए के चालान बनाए गए।
संबंधित विक्रेताओं को आगे से सत्यापित कांटे ही बेचने के लिए पाबंद किया गया। वहीं, ए एंड ए एंटरप्राइजेज, मोहन इंडस्ट्रीज और पीआर इंटरप्राइजेज के अभिलेख एवं दस्तावेज जांच में सही पाए गए।
विभाग ने अजमेर जिले के सभी कांटे-बांट निर्माताओं और डीलरों को नियमों के अनुरूप सत्यापित उपकरण बेचने के निर्देश दिए हैं। नियमों की पालना नहीं करने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
किशनगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में भी जांच
सहायक नियंत्रक भावना दयाल ने बताया कि मंगलवार को किशनगढ़ के सिलोरा औद्योगिक क्षेत्र में श्री गणेश एंटरप्राइजेज और सर्वेश्वर फूड प्रोडक्ट्स का निरीक्षण किया गया। यहां पैकेजिंग लाइसेंस नहीं मिलने पर पैकेज कमोडिटी नियम, 2011 के तहत 5 हजार रुपए का चालान बनाया गया। इसके अलावा कांटे असत्यापित पाए जाने पर 10 हजार रुपए का अतिरिक्त चालान किया गया। इसी दौरान भंवरलाल पन्नालाल पहाड़िया और महालक्ष्मी स्वीट्स की दुकान पर सत्यापित कांटे मिले तथा पैकेजिंग लाइसेंस भी उपलब्ध पाया गया।
नियमों की पालना के लिए व्यापारियों को निर्देश
विभागीय अधिकारियों के अनुसार सही वजन सुनिश्चित करना और पैकबंद वस्तुओं पर निर्धारित नियमों की पालना उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए जरूरी है। सत्यापन के बिना कांटे-बांट का उपयोग या बिक्री करने और आवश्यक पैकेजिंग लाइसेंस के अभाव में नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
विभाग ने जिले के व्यापारियों से विधिक माप विज्ञान अधिनियम और पैकेज कमोडिटी नियमों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।




