अजमेर : दिगंबर जैन महासमिति ने दो जरूरतमंद बेटियों के विवाह में दिया सहयोग

0

अजमेर। सामाजिक सरोकार और सेवा भावना की मिसाल पेश करते हुए श्री दिगंबर जैन महासमिति महिला एवं युवा महिला संभाग अजमेर ने एक जरूरतमंद विधवा महिला की दो पुत्रियों के विवाह में सहयोग प्रदान किया। समिति की ओर से दोनों बेटियों को विवाह और गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए आवश्यक घरेलू सामग्री भेंट कर परिवार को आर्थिक संबल प्रदान किया गया।

वरुण सागर रोड निवासी सुशीला देवी की चार पुत्रियां हैं। इनमें से आरती और खुशबू का विवाह आगामी दिनों में होना है। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए महासमिति के सदस्यों और सहयोगकर्ताओं ने आगे आकर दोनों बेटियों की सहायता का बीड़ा उठाया। इस पहल के तहत विवाह संबंधी आवश्यक वस्तुओं के साथ घर-गृहस्थी में काम आने वाली सामग्री भी उपलब्ध कराई गई, ताकि बेटियां अपने नए जीवन की शुरुआत आवश्यक संसाधनों के साथ कर सकें।

विवाह से लेकर गृहस्थी तक की जरूरतों का रखा ध्यान

महासमिति के पदाधिकारियों, सदस्यों और भामाशाहों के सहयोग से दोनों बेटियों को साड़ियां, सलवार-सूट, ज्वेलरी, सूटकेस, कंबल, बेडशीट, कपड़े, स्वेटर, कार्डिगन, कोट, चौकी, प्रेस, प्रेशर कुकर, ओवन, गैस, रसोई के बर्तन, बाथरूम सेट, सिलाई संबंधी सामग्री, सजावट का सामान, चरण पादुकाएं और सौंदर्य प्रसाधन सहित अनेक उपयोगी वस्तुएं भेंट की गईं। सहयोग सामग्री में 30 साड़ियां तथा गृहस्थ जीवन में काम आने वाली विभिन्न आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं।

इस सेवा कार्य में समिति संरक्षक राकेश पालीवाल, दिगंबर जैन महासमिति अजमेर संभाग अध्यक्ष अतुल पाटनी, कोषाध्यक्ष श्रेयांश पाटनी, महासमिति की वरिष्ठ राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष मधु पाटनी, लायंस क्लब्स इंटरनेशनल के संभागीय अध्यक्ष लायन मुकेश कर्णावट, अनीता पाटनी, युवा महिला संभाग अध्यक्ष सोनिका भैंसा, किरण कासलीवाल, रिंकी निलेश जैन, विनीता जैन लुहाड़िया, लायन अनिल श्रीमाल और लायन पदम चंद जैन सहित अन्य भामाशाहों ने सहयोग किया।कार्यक्रम में युवा महिला संभाग अध्यक्ष सोनिका भैंसा, मंत्री सुषमा पाटनी, वर्षा बड़जात्या और डिम्पी बड़जात्या सहित समिति की अन्य सदस्य मौजूद रहीं।

अब तक 150 बालिकाओं के विवाह में सहयोग

कार्यक्रम संयोजक मधु अतुल पाटनी ने बताया कि महासमिति की ओर से जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग देने का सेवा अभियान लगातार चलाया जा रहा है। अब तक समिति के माध्यम से 150 बालिकाओं के विवाह में सहायता प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे परिवारों की मदद करना है, ताकि संसाधनों की कमी किसी बेटी के विवाह और नए जीवन की शुरुआत में बाधा न बने।

लायन मुकेश कर्णावट ने महासमिति के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि जरूरतमंद परिवारों की सहायता करना और बेटियों के जीवन के नए पड़ाव में सहभागी बनना समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति का दायित्व है। ऐसे सेवा कार्य सामाजिक संवेदनशीलता को मजबूत करते हैं और जरूरतमंद परिवारों को कठिन परिस्थितियों से उबरने में मदद देते हैं।