अजमेर रेल मंडल में रेलवे कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन, टीआरडी अधिकारी पर अभद्र व्यवहार के आरोप

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अजमेर। उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल में वरिष्ठ मंडल अभियंता (टीआरडी) के कथित कर्मचारी विरोधी व्यवहार और कर्मचारियों के प्रशासनिक आधार पर किए गए स्थानांतरणों के विरोध में नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉईज यूनियन ने विभिन्न रेलवे स्टेशनों और इकाइयों पर प्रदर्शन किया। यूनियन ने संबंधित आदेश वापस लेने, कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने और कथित तौर पर गलत तरीके से की गई कार्रवाई निरस्त करने की मांग उठाई। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।

मंडल कार्यालय परिसर में जताया विरोध

अजमेर में मंडल कार्यालय परिसर में हुए प्रदर्शन के दौरान मंडल सचिव मोहन चेलानी ने वरिष्ठ मंडल अभियंता (टीआरडी) पर कर्मचारियों को अपने कक्ष में बुलाकर अभद्र व्यवहार करने और गाली-गलौज करने के आरोप लगाए। उन्होंने तकनीशियनों और पर्यवेक्षकों के प्रशासनिक आधार पर किए गए स्थानांतरणों को वापस लेने की मांग की।

मंडल अध्यक्ष राजीव शर्मा ने 8 और 9 अक्टूबर को हुई फेलियर की घटनाओं के लिए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि कर्मचारियों को समय-समय पर पर्याप्त व्यावहारिक प्रशिक्षण और साइट पर काम से जुड़ी जांच का मार्गदर्शन मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी फील्ड में कर्मचारियों से नियमित संवाद नहीं करते और अनुशासन के नाम पर भय का माहौल बनाया जा रहा है। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि रेलवे में सुरक्षा और संरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए कर्मचारियों तथा अधिकारियों के बीच बेहतर संवाद, प्रशिक्षण और सहयोग जरूरी है।

कई रेलवे स्टेशनों पर कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

यूनियन के आह्वान पर अजमेर मंडल के विभिन्न स्थानों पर कर्मचारियों ने विरोध दर्ज कराया। मारवाड़ जंक्शन में नवल किशोर और जय गुर्जर के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। यहां कर्मचारियों ने कथित रूप से गलत आदेश वापस लेने की मांग की।

आबूरोड में शाखा अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा और सचिव समदर सिंह के नेतृत्व में टीआरडी डिपो पर प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने यूनियन के अनुसार कर्मचारी विरोधी आचरण और गलत आदेशों को निरस्त करने की मांग उठाई।

रानी में चेतराम मीना ने आंदोलन का नेतृत्व किया, जबकि उदयपुर में मुनीष मीना और राजेश विश्नोई की अगुवाई में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर नीतियों के प्रति नाराजगी जताई। इसके अलावा नसीराबाद, भीलवाड़ा, बिजयनगर, पिंडवाड़ा, मावली और डूंगरपुर में भी कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शन में विपुल सक्सेना, गौरव मेहरा, रमेश निमेडिया, अरविंद यादव, नेहा गुर्जर, अतुल विश्वा, पप्पू सिंह रावत, राजीव सेन, महेश चौधरी, सीपी शर्मा, वीरेश शर्मा और कविता भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

मंडल सचिव मोहन मोहन चेलानी ने कहा कि मंडलभर में कर्मचारियों के बीच संबंधित आदेशों और कथित व्यवहार को लेकर नाराजगी है। यूनियन ने स्पष्ट किया कि मांगों पर समाधान नहीं होने पर क्रमिक आंदोलन जारी रखा जाएगा और जरूरत पड़ने पर इसका दायरा बढ़ाया जाएगा।

फिलहाल, यूनियन की प्रमुख मांगों में स्थानांतरण आदेशों की वापसी, कर्मचारियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार पर कार्रवाई और कार्यस्थल पर संवादपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करना शामिल है। मामले में रेल प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।