अजमेर। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में दीपावली के अवसर पर भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपराओं के अनुरूप विधि-विधान से लक्ष्मी-गणेश पूजन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर विश्वविद्यालय परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पूजन के दौरान कुलगुरु ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के जीवन में सुख, शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा के संचार की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि दीपावली केवल रोशनी और उत्सव का पर्व नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति में इसका गहरा आध्यात्मिक और नैतिक महत्व भी है।
ज्ञान, विवेक और सकारात्मकता का संदेश देता है दीपोत्सव
प्रो. अग्रवाल ने कहा कि दीपावली मनुष्य को अंधकार से प्रकाश, अज्ञान से ज्ञान और निराशा से आशा की ओर बढ़ने की प्रेरणा देती है। मां लक्ष्मी समृद्धि और वैभव की प्रतीक हैं, वहीं भगवान गणेश बुद्धि, विवेक और शुभ कार्यों के आरंभ के अधिष्ठाता माने जाते हैं। दोनों की आराधना जीवन में सद्बुद्धि, सकारात्मक सोच और सदाचार को अपनाने का संदेश देती है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की भूमिका केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने और शोध गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों का दायित्व समाज में नैतिक मूल्यों, संस्कारों और सामाजिक चेतना को भी मजबूत करना है। दीपावली का पर्व प्रत्येक व्यक्ति को अपने कार्यों में ईमानदारी, पारदर्शिता, निष्ठा और समर्पण बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
कुलगुरु ने कहा कि विश्वविद्यालय परिवार के प्रत्येक सदस्य को अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए। सामूहिक प्रयास, सकारात्मक कार्यसंस्कृति और समर्पण से ही संस्थान निरंतर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दीपोत्सव की सकारात्मक ऊर्जा विश्वविद्यालय को शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।
कार्यक्रम के माध्यम से विश्वविद्यालय परिसर में भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं, आध्यात्मिक चेतना और सामूहिक सद्भाव का संदेश दिया गया। अंत में कुलगुरु ने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।



