बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में जमीन विवाद के एक मामले में रिश्वतखोरी का आरोप सामने आने के बाद पुलिस विभाग में कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने 61 हजार रुपए रिश्वत लेने के आरोप में तत्कालीन बांसडीहरोड थाना प्रभारी उप निरीक्षक वंश बहादुर सिंह और थाने में तैनात मुख्य आरक्षी माधवानन्द को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों पुलिसकर्मियों पर जमीन विवाद में कार्रवाई करने और मामले को प्रभावित करने के नाम पर एक व्यक्ति से दो अलग-अलग किश्तों में कुल 61 हजार रुपए लेने का आरोप है। शिकायत सामने आने के बाद मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) और क्षेत्राधिकारी बांसडीह की संयुक्त टीम को सौंपी गई थी।
संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई
जांच अधिकारियों ने शिकायत से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की। संयुक्त जांच रिपोर्ट में दोनों पुलिसकर्मियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने निलंबन की कार्रवाई की। विभागीय स्तर पर मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई भी शुरू की गई है।
जांच में शिकायतकर्ता की ओर से आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। उप निरीक्षक वंश बहादुर सिंह को इससे पहले बांसडीहरोड थाने से हटाकर जिला अपराध अभिलेख ब्यूरो (डीसीआरबी) का प्रभारी बनाया गया था।
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने स्पष्ट किया है कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार, अवैध गतिविधियों और अनुचित कार्यों में संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की आगे की जांच सिकंदरपुर के क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार सिंह को सौंपी गई है।


