आबुरोड पालिकाध्यक्ष को उठाना था जो कदम, वो पालिका उपाध्यक्ष ने उठाया

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आबूरोड की अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपते कांग्रेस और भाजपा के पार्षद।

सबगुरु न्यूज- आबूरोड। नगर पालिका में काम में पारदर्शिता रहे और जनता में विश्वास बरकरार रहे इसके किए प्रयास आबूरोड की पालिका अध्यक्ष को करना था लेकिन ये काम ककर रही हैं पालिका उपाध्यक्ष l पार्षदों में व्याप्त अविश्वास को दूर करने के लिए पालिकाध्यक्ष ने पार्षदों की मांग के अनुसार नगर पालिका में पारदर्शिता के लिए अधिशासी अधिकारी को पत्र भेजा। ये पत्र भाजपा और कांग्रेस पार्षदाें ने संयुक्त रूप से सौंपा।

पालिका उपाध्यक्ष एवं पार्षदों ने इस पत्र में बताया कि नगर पालिका की सफाई व्यवस्था, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, विद्युत एवं स्ट्रीट लाइट रखरखाव, शांति कुंज पार्क अब अन्य पार्कों के रखरखाव तथा प्लेसमेंट एजेंसी सहित विभिन्न ठेका व्यवस्थाओं को लेकर आमजन द्वारा लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।

पत्र में संबंधित ठेकों के कार्यादेश, अनुबंध पत्र, निविदा प्रक्रिया एवं निर्धारित शर्तों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध करवाने की मांग की गई। जिससे पार्षद अपने-अपने वार्डों में होने वाले कार्यों की निगरानी कर सकें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर प्रशासन को अवगत करा सकें।

पार्षदों ने कहा कि नगर पालिका जनता के टैक्स से संचालित होती है, इसलिए प्रत्येक कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही होना आवश्यक है। ठेका व्यवस्थाओं की जानकारी सार्वजनिक एवं जनप्रतिनिधियों के लिए उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि नगर पालिका की कार्यप्रणाली में सुधार हो और आमजन के हितों की रक्षा हो सके। वैसे इस तरह की पारदर्शिता लाने का काम पालिकाध्यक्ष का था लेकिन, पालिका उपाध्यक्ष के द्वारा ये करना दिखा रहा है वो पार्षदों के माध्यम से जनता में ये विश्वास बहाली नहीं कर पाई हैं।

उपाध्यक्ष साधना ढाका, पार्षद अर्जुन सिंह, सरोज कुंवर, मंजू माली, हेमलता कालेरा, कांति परिहार, शमशाद अली अब्बासी, दिनेश मेघवाल, मनीष राणा, गौतम मीणा, भारती बेरवा,अमित कुमार, प्रेम सिंह लोधा, सहित अन्य पार्षदों ने नगर पालिका प्रशासन से सभी दस्तावेज तत्काल उपलब्ध करवाने की मांग की।

– ऐसे चलेगा विपक्ष!

पालिकाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपने में कांग्रेस और भाजपा के पार्षद साथ-साथ थे। इस बोर्ड में कांग्रेस के पार्षदों का भाजपा के साथ होने का ये पहला मौका नहीं है। इससे पहले कांग्रेस के ये पार्षद पालिका की इस बोर्ड की पहली बैठक में भी भाजपा के सुर में सुर मिलाते और कांग्रेस के ही दूसरे गुट के पार्षदों की मांगों की खिलाफत करते हुए दिखे थे। अब्द हालात ये आ गए हैं कि इनको अपनी मांगों के लिए। भाजपा पार्षदों का। सहयोग लेना पड़ रहा है। जबकि खुद कांग्रेस के पार्षदों की नगर पालिका में प्रभावशाली संख्या है।

कांग्रेस के जो पार्षद भाजपा पार्षदों के साथ पालिका किया अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपने गए थे उनमें जिले में कांग्रेस के उस नेता गुट के पार्षद थे जिस नेता की राजनीतिक और प्रशासनिक पकड़ के कारण सत्ता और विपक्ष दोनों ही में जिले भर के भाजपा नेता भी अपने कामों के लिए निर्भर रहते हैं। आबूरोड के राजनीतिक हलकों में ये सामान्य चर्चा है कि कांग्रेस की इस दुर्गति की वजह ये है कि आबु रोड में कांग्रेस भाजपा से अलग अपनी पहचान नहीं बना पाई है।

यहां लोगों को कभी लगा ही नहीं कि ये दोनों अलग अलग संगठन हैं। जबकि सिरोही – शिवगंज में ये अंतर स्पष्ट नजर आता है जिससे शहरी क्षेत्र की जनता में भी कांग्रेस के प्रति विश्वास लौटा है क्योंकि उन्हें नेतृत्व मजबूत नजर आता है। वहीं आबूरोड में संगठन और नगर पालिका में कांग्रेस का नेतृत्व हमेशा ढुलमुल रहा है।