नई दिल्ली। पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार स्थित गली सितारा में गुरुवार सुबह तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढहने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। घटना के बाद दिल्ली सरकार और नगर निगम प्रशासन हरकत में आ गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित क्षेत्र के सहायक अभियंता (एई) और कनिष्ठ अभियंता (जेई) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने तथा निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को घटनास्थल पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से हादसे की परिस्थितियों की जानकारी ली और पूरे मामले की विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुबह करीब 9:50 बजे ढही इमारत
पुलिस के अनुसार चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के नजदीक गली सितारा में सुबह करीब 9:50 बजे निर्माणाधीन इमारत अचानक ढह गई। हादसे के समय भवन में निर्माण कार्य चल रहा था। बताया गया कि तीसरी मंजिल पर छत का स्लैब डालने का काम किया जा रहा था। इसी दौरान इमारत का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा और वहां काम कर रहे लोग मलबे में दब गए।
सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा की छह गाड़ियां, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), दिल्ली पुलिस, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने मलबे में फंसे लोगों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया। हादसे में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई, जबकि चार लोग घायल बताए गए।
अवैध निर्माण की आशंका, पहले भी दी गई थी सूचना
प्रारंभिक जांच में इमारत के निर्माण को लेकर गंभीर अनियमितताओं की बात सामने आई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य कथित तौर पर बिना आवश्यक अनुमति के कराया जा रहा था। बताया गया कि दिल्ली पुलिस ने 15 जून को भी संबंधित संपत्ति पर अनधिकृत निर्माण की जानकारी नगर निगम को दी थी।
नगर निगम के एक अधिकारी के अनुसार निर्माण कार्य करीब 15 दिन पहले रोक दिया गया था। हादसे के समय छत के नीचे लगाए गए सपोर्ट सिस्टम को हटाने का काम किया जा रहा था। शुरुआती जानकारी में निर्माण सामग्री और तकनीकी प्रक्रिया में खामियों की आशंका भी जताई गई है। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही होगा।
आसपास की इमारतें भी कराई गईं खाली
हादसे के बाद आसपास की इमारतों में भी दरारें आने की सूचना मिली। किसी अन्य दुर्घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने नजदीकी भवनों को खाली कराने की कार्रवाई की। संकरी गलियों के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भी टीमों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और मृतकों के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता देने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने लोगों से भवन निर्माण के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों और नियमों का पालन करने की अपील की।
लगातार सामने आ रहे भवन हादसों ने बढ़ाई चिंता
पुरानी दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाकों में अनधिकृत निर्माण और कमजोर भवनों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल के दिनों में राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में भवन ढहने की घटनाओं ने निर्माण नियमों की निगरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा जांच की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
फिलहाल प्रशासनिक जांच में यह पता लगाया जाएगा कि निर्माण की अनुमति थी या नहीं, सुरक्षा मानकों का पालन हुआ अथवा नहीं और संबंधित अधिकारियों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



