TVK विधायक को 15 करोड़ की रिश्वत देने के आरोप में AIADMK नेता पीएम मन्नन अरेस्ट

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चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में विधायकों की खरीद-फरोख्त का मामला सामने आने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के एक विधायक को विधानसभा में संभावित अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सरकार के खिलाफ मतदान करने के लिए कथित तौर पर 15 करोड़ रुपए की रिश्वत देने की पेशकश करने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को विपक्षी अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) के प्रचार सचिव पीएम मन्नन को गिरफ्तार कर लिया।

मदुरै सेंट्रल क्राइम ब्रांच पुलिस ने मन्नन को पूछताछ के लिए तलब किया था। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे पुलिस के समक्ष पेश होने के बाद उनसे कई घंटे तक पूछताछ की गई। इसके बाद विशेष पुलिस टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में मदुरै सेंट्रल से TVK विधायक मधर बदरुद्दीन उर्फ मुस्तफा की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है।

TVK विधायक ने लगाया था 15 करोड़ की पेशकश का आरोप

विवाद की शुरुआत बुधवार को हुई, जब TVK विधायक मुस्तफा ने आरोप लगाया कि AIADMK से जुड़े एक पदाधिकारी ने उनसे संपर्क कर विधानसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने पर समर्थन देने के बदले 15 करोड़ रुपए देने की पेशकश की थी। विधायक के मुताबिक, उन्हें पहले ही रकम लेने और अविश्वास प्रस्ताव के समय सरकार के खिलाफ मतदान करने के लिए कहा गया था।

विधायक ने इस कथित पेशकश की जानकारी अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भी दी थी। उन्होंने साफ कहा था कि TVK का कोई भी विधायक धन के लालच में पार्टी का साथ नहीं छोड़ेगा।

15 से 30 करोड़ रुपए तक की पेशकश की जांच

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस इस मामले में 15 करोड़ से लेकर 30 करोड़ रुपए तक की कथित पेशकश के पहलुओं की जांच कर रही है। आरोप है कि रकम की पेशकश विधायक के सहायक कानी के माध्यम से की गई थी। कानी की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने इस प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी कथित फोन बातचीत और ऑडियो रिकॉर्डिंग की भी पड़ताल कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कथित खरीद-फरोख्त के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

मदुरै के पूर्व डिप्टी मेयर रह चुके हैं मन्नन

गिरफ्तार पीएम मन्नन मदुरै नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर रह चुके हैं। वे पहले DMK से जुड़े हुए थे और पूर्व केंद्रीय मंत्री एमके अलागिरी के करीबी माने जाते थे। वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने AIADMK का दामन थाम लिया था। वर्तमान में वे पार्टी के प्रचार सचिव हैं।

मन्नन की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थक बड़ी संख्या में पुलिस कार्यालय के आसपास जुट गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी।

TVK सरकार को गिराने की कोशिशों का आरोप

TVK नेताओं की ओर से पहले भी विपक्षी दलों पर सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों को अपने पक्ष में करने की कोशिशों के आरोप लगाए गए हैं। राज्य के मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने भी आरोप लगाया था कि विपक्षी दल विधायकों को अपने पाले में लाने के लिए भारी रकम की पेशकश कर रहे हैं।

गौरतलब है कि अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व में TVK ने तमिलनाडु में पहली बार सरकार बनाई है। सत्ता संभालने के कुछ समय बाद मई में सरकार ने विधानसभा में विश्वास मत भी हासिल किया था। फिलहाल पुलिस कथित रिश्वत पेशकश के पूरे नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।