रेलवे के फर्जी और पुराने वीडियो वायरल करने वालों पर होगी FIR, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी चेतावनी

0

सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री फैलाने वालों की पहचान कर रही रेलवे
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे से संबंधित पुराने और फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर लोगों में भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को स्पष्ट किया कि रेलवे से जुड़े ऐसे कई वीडियो की पहचान की जा चुकी है, जिन्हें गलत संदर्भ के साथ सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाएगी।

वैष्णव ने एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो प्रसारित करना गंभीर विषय है। इससे आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा होती है और रेलवे की छवि भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पुराने वीडियो को वर्तमान घटनाओं के रूप में पेश कर रहे हैं, जबकि कुछ मामलों में वीडियो के साथ गलत जानकारी जोड़कर उन्हें वायरल किया जा रहा है।

पुराने वीडियो को नया बताकर फैलाने पर नजर

रेल मंत्री के अनुसार रेलवे से संबंधित सोशल मीडिया सामग्री की निगरानी की जा रही है। जांच में ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं, जिनका वास्तविक घटना और समय से कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद उन्हें मौजूदा रेलवे दुर्घटना, अव्यवस्था या अन्य घटनाओं से जोड़कर प्रसारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गलत सूचनाओं का प्रसार केवल रेलवे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका व्यापक सामाजिक प्रभाव पड़ता है। इसलिए ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे की छवि और यात्रियों के बीच भ्रम का मामला

रेलवे देश में प्रतिदिन करोड़ों यात्रियों की आवाजाही का प्रमुख माध्यम है। ऐसे में रेल दुर्घटनाओं, ट्रेनों की देरी, स्टेशनों की अव्यवस्था और यात्री सुविधाओं से संबंधित भ्रामक वीडियो तेजी से प्रसारित होने पर यात्रियों में अनावश्यक चिंता पैदा हो सकती है।

सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो या जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करना जरूरी है। विशेष रूप से रेलवे से जुड़ी संवेदनशील घटनाओं के मामले में गलत जानकारी फैलाने से बचना चाहिए।

रेल मंत्री के पास आईटी मंत्रालय की भी जिम्मेदारी

गौरतलब है कि अश्विनी वैष्णव रेल मंत्रालय के साथ-साथ सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर फर्जी सामग्री और डिजिटल माध्यमों से फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं का मुद्दा उनके मंत्रालयों के कार्यक्षेत्र से भी जुड़ा हुआ है।

रेल मंत्री के इस बयान के बाद रेलवे से जुड़े पुराने और भ्रामक वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, किन मामलों में प्राथमिकी दर्ज होगी और कार्रवाई की प्रक्रिया क्या होगी, इसका विस्तृत ब्योरा सामने आना बाकी है।