अजमेर। दीपावली के पावन पर्व पर धार्मिक नगरी अजमेर रोशनी, उल्लास और उत्साह के रंग में रंगी नजर आई। शहर के प्रमुख बाजारों से लेकर आवासीय कॉलोनियों तक दीपावली की रौनक देखने को मिली। बाजारों में आकर्षक विद्युत सजावट, रंग-बिरंगी झालरों और रोशनी से सजी दुकानों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं, त्योहार की खरीदारी के लिए बाजारों में दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रही।
शहर के नया बाजार, पुरानी मंडी, मदार गेट, चूड़ी बाजार, केसरगंज, पड़ाव, नला बाजार, डिग्गी बाजार और वैशाली नगर सहित प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में दीपावली की विशेष सजावट की गई। दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठानों को रंगीन लाइटों, फूलों और आकर्षक सजावटी सामग्री से सजाया। शाम होते ही बाजारों की रौनक और बढ़ गई तथा रोशनी से जगमगाती दुकानों और सड़कों ने उत्सवी माहौल को खास बना दिया।
बाजारों में खरीदारी का उत्साह, दुकानों पर रही रौनक
दीपावली के अवसर पर बाजारों में खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मिठाई, नमकीन, ड्राई फ्रूट, कपड़े, बर्तन, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक सामान, सजावटी वस्तुओं और पूजा सामग्री की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही रही। मिट्टी के दीपक, रंगोली, मोमबत्तियां, बंदनवार, लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं और आकर्षक विद्युत झालरें लोगों की खरीदारी का प्रमुख हिस्सा रहीं।
महिलाओं और बच्चों में दीपावली की सजावट को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। घरों को सजाने के लिए लोगों ने रंगोली, फूलों और आकर्षक लाइटों की खरीदारी की। मिठाई की दुकानों पर भी विभिन्न प्रकार की मिठाइयों और उपहार पैक की मांग देखने को मिली।
आनासागर पर सवा लाख दीपों का दीपोत्सव, शहर की रोशनी बनी आकर्षण
इस वर्ष अजमेर के दीपावली उत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण आनासागर झील रही। यहां चौपाटी और झील के किनारे सवा लाख मिट्टी के दीप प्रज्वलित किए गए। करीब नौ किलोमीटर के क्षेत्र में दीपदान और आकर्षक विद्युत सजावट ने मनोरम दृश्य प्रस्तुत किया। चौपाटी पर अयोध्या थीम पर की गई सजावट और आतिशबाजी देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे।
शहर की रोशनी को और भव्य बनाने के लिए नगर निगम और अजमेर विकास प्राधिकरण की ओर से विशेष इंतजाम किए गए। धनतेरस पर पुरानी चौपाटी की सजावट का शुभारंभ किया गया, वहीं पुष्कर रोड पर हैरिटेज लाइटिंग का लोकार्पण हुआ। इस परियोजना के तहत करीब सात करोड़ रुपये की लागत से 244 हैरिटेज पोल और 461 लाइटें लगाई गईं। अद्वैत आश्रम से नौसर माता मंदिर तथा मित्तल तिराहे से टेलीफोन एक्सचेंज तक विशेष रोशनी की व्यवस्था की गई।
मंदिरों में सजी आकर्षक झांकियां, दीपों से रोशन हुए देवालय
दीपावली पर शहर के मंदिरों में भी विशेष सजावट और धार्मिक आयोजनों का माहौल रहा। मंदिर परिसरों को विद्युत झालरों, फूलों और दीपकों से सजाया गया। श्रद्धालुओं ने परिवार सहित मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। शाम के समय दीप प्रज्वलन और आरती के दौरान देवालयों में विशेष रौनक दिखाई दी।
आनासागर क्षेत्र, प्रमुख धार्मिक स्थलों और कॉलोनियों में भी दीपावली की सजावट ने उत्सव का रंग और गहरा कर दिया। घरों के बाहर रंगोलियां बनाई गईं और दीपक जलाकर लोगों ने प्रकाश पर्व की खुशियां मनाईं।
अजमेर की पारंपरिक हटड़ी रस्म और चांदी के पटाखे भी बने आकर्षण
अजमेर की दीपावली में स्थानीय परंपराओं का भी विशेष महत्व रहा। शादी के बाद पहली दीपावली पर निभाई जाने वाली हटड़ी की रस्म को लेकर सर्राफा बाजार में विशेष रौनक रही। इस परंपरा में असली पटाखों के स्थान पर चांदी से बनी फुलझड़ी, अनार, रॉकेट और पटाखों की प्रतिकृतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। इसके साथ चांदी के गिलास, सुपारी और ड्राई फ्रूट की सजावटी ट्रे की भी खरीदारी हुई।
हर तरफ नजर आया उत्सव और उल्लास
दीपावली पर अजमेर के प्रमुख बाजारों, मुख्य मार्गों और आवासीय क्षेत्रों में देर शाम तक चहल-पहल बनी रही। लोगों ने घरों और प्रतिष्ठानों में लक्ष्मी-गणेश पूजन कर दीप जलाए। बच्चों में पटाखों और आतिशबाजी को लेकर उत्साह रहा, वहीं परिवारों ने एक-दूसरे को मिठाइयां और उपहार देकर पर्व की खुशियां साझा कीं।
इस बार अजमेर की दीपावली में पारंपरिक धार्मिक आस्था, आधुनिक विद्युत सजावट, बाजारों की रौनक और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम देखने को मिला। आनासागर के दीपोत्सव से लेकर पुराने बाजारों की जगमगाहट तक पूरे शहर में प्रकाश पर्व का उल्लास छाया रहा।



