अजमेर। परिवहन मुख्यालय राजस्थान जयपुर के जांच दल के साथ मंगलवार को अजमेर के जिला परिवहन अधिकारी द्वारा वाहन बॉडी निर्माता पर आकस्मिक छापेमार कार्यवाही की गई।
जिला परिवहन अधिकारी राजीव शर्मा ने बताया कि परिवहन विभाग अजमेर के द्वारा दो उड़नदस्तों के साथ मुख्यालय की गठित टीम के साथ वाहन बॉडी निर्माता एसबी ग्रुप इंजीनियरिंग ग्राम लबाना मांगलियावास पर आकस्मिक छापेमार जांच कार्यवाही की गई।
निरीक्षण के दौरान निर्माण ईकाई के परिसर में बॉडी निर्माण के लिए 13 भार वाहन खड़े पाए गए। इनमें से 4 वाहनें चैसिस के रुप में खड़ी पाई गई। यहां 9 वाहनों की बॉडी निर्माणधीन पाई गई। समस्त 13 वाहन दौसा एवं चित्तौड़गढ़ कार्यालयों में पंजीकृत पाई गई। इनकी नम्बर प्लेट तैयार स्थिति में पाई गई।
उन्होंने बताया कि वाहन की बॉडी के निर्माण के बिना वाहन पंजीकृत पाए जाने के कारण 4 वाहनों को मांगलियावास थाने में सीज किया गया। बॉडी निर्माण का कार्य किए जा रहे 9 वाहनों को बॉडी निर्माता के परिसर में ही सीज तथा सुपुर्दगी निर्माता के कार्मिक को दी गई। प्रकरण का निस्तारण होने तक इन 9 वाहनों को वर्तमान स्थिति में सुरक्षित रखने के लिए पाबन्द किया गया।
उन्होंने बताया कि जांच दल द्वारा संपूर्ण परिसर एवं वाहनों की फोटोग्राफी तथा वीडियोग्राफी की जाकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए। बॉडी निर्माता को माह जनवरी में ही ट्रेड सर्टिफिकेट जारी किया गया है। भारी वाहनों के पंजीयन से पूर्व नियमानुसार प्रोटोटाईप के अनुरुप बॉडी निर्माण करना आवश्यक है।
बॉडी निर्माण के पश्चात वाहन का परिवहन निरीक्षक के द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाता है। भौतिक सत्यापन में वाहन एवं बॉडी निर्धारित प्रोटोटाईप अनुसार पाई जाने पर ही वाहन का पंजीयन किया जा सकता है। वाहन के बॉडी निर्माण के बिना वाहन का पंजीयन गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आता है। निरीक्षण दल द्वारा प्रकरण की गंभीरता को समझते हुए विस्तृत जांच रिपोर्ट परिवहन मुख्यालय राजस्थान जयपुर को प्रस्तुत की जाएगी। निरीक्षण दल में मुख्यालय की टीम जिला परिवहन अधिकारी महेश चंद शर्मा एवं संजय शर्मा, परिवहन निरीक्षक नवनीत बाटड शामिल थे।



