New Delhi: 49 वर्षीय अग्निवेश अग्रवाल का अमेरिका में हृदय गति रुकने (कार्डियक अरेस्ट) से निधन हो गया। अपने गहरे दुख को साझा करते हुए अनिल अग्रवाल ने लिखा, “एक माता-पिता के लिए अपने बच्चे को खोने का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। बेटा पिता से पहले नहीं जाना चाहिए। इस नुकसान ने हमें भीतर तक तोड़ दिया है और हम अभी भी इसे समझने की कोशिश कर रहे हैं।”

अग्निवेश अग्रवाल कौन थे?
अग्निवेश अग्रवाल, अनिल अग्रवाल और किरण अग्रवाल के सबसे बड़े बेटे थे। उनका जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अजमेर के प्रतिष्ठित मेयो कॉलेज से प्राप्त की और इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए।
अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद अग्निवेश ने तुरंत अपने पिता की कंपनी वेदांता ग्रुप से जुड़ने के बजाय विदेश में रहकर वैश्विक बिज़नेस मॉडल, वित्त और कॉर्पोरेट गवर्नेंस को समझने का अनुभव हासिल किया। बाद में यही अनुभव भारत लौटकर वेदांता ग्रुप में उनके काम आया।
अनिल अग्रवाल के अनुसार, अग्निवेश ने फुजैरा गोल्ड की स्थापना में अहम भूमिका निभाई थी और वे हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन भी रहे। इसके अलावा वे पंजाब के सबसे बड़े निजी थर्मल पावर प्लांट्स में से एक, तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्य भी थे।
लाइमलाइट से दूर रहते थे अग्निवेश
अग्निवेश अग्रवाल सार्वजनिक जीवन और सोशल मीडिया से दूर रहना पसंद करते थे। वे बहुत कम सार्वजनिक मंचों पर नजर आते थे। हालांकि, वेदांता ग्रुप के भीतर उन्हें एक अनुभवी और दूरदर्शी बोर्ड सदस्य के रूप में जाना जाता था।
अग्निवेश अमेरिका में एक स्कीइंग दुर्घटना में घायल हो गए थे, जिसके बाद उनका न्यूयॉर्क के माउंट साइनाई अस्पताल में इलाज चल रहा था। अनिल अग्रवाल के अनुसार उनकी हालत में सुधार हो रहा था।
उन्होंने लिखा, “हमें लगा था कि सबसे मुश्किल दौर गुजर चुका है, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अचानक आए कार्डियक अरेस्ट ने हमारे बेटे को हमसे छीन लिया।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अग्निवेश अग्रवाल के निधन पर शोक व्यक्त किया। अनिल अग्रवाल की एक्स पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा,
श्री अग्निवेश अग्रवाल का असामयिक निधन बेहद दुखद और स्तब्ध करने वाला है। आपके इस भावुक संदेश से आपके दुख की गहराई स्पष्ट झलकती है। ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको और आपके परिवार को इस कठिन समय में शक्ति और साहस प्रदान करें। ॐ शांति।


