अजमेर उर्स 2026: जायरीनों के लिए चलेंगी स्पेशल ट्रेनें, अतिरिक्त टिकट काउंटर और हेल्प डेस्क भी खुलेंगे

0

5 से 20 दिसंबर तक होगा 815वां उर्स, रेलवे ने तैयारियां शुरू कीं
अजमेर। सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 815वें सालाना उर्स में देशभर से आने वाले जायरीनों की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। उर्स के दौरान यात्रियों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए विशेष रेलगाड़ियों का संचालन किया जाएगा। इसके साथ ही नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाने, टिकट एवं आरक्षण काउंटर बढ़ाने और रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का विस्तार करने की योजना बनाई जा रही है।

उर्स मेला 5 से 20 दिसंबर 2026 तक आयोजित होगा। इसी सिलसिले में गुरुवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के सभा कक्ष में डीआरएम राजू भूतड़ा की अध्यक्षता में रेलवे अधिकारियों और दरगाह प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें रेल सेवाओं के संचालन से लेकर जायरीनों की सुरक्षा, ठहराव और आवागमन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

दक्षिण भारत सहित कई राज्यों से चलेंगी उर्स स्पेशल ट्रेनें

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक मिहिर देव ने बताया कि बैठक में दरगाह कमेटी के नाजिम एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद बिलाल खान की ओर से भेजे गए मांग-पत्र और सुझावों पर भी विचार किया गया। दरगाह प्रतिनिधियों ने जायरीनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न राज्यों से अतिरिक्त रेलगाड़ियां चलाने तथा स्टेशन पर बेहतर व्यवस्थाएं करने के सुझाव दिए।

बैठक में चेन्नई, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात के अहमदाबाद, पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से अधिक संख्या में उर्स स्पेशल ट्रेनें संचालित करने पर चर्चा हुई। इन ट्रेनों के समय और संचालन संबंधी जानकारी का समय रहते प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया गया।

अजमेर-मदार के साथ कायड़ और गरीब नवाज अतिथि गृह में भी मिलेंगी सुविधाएं

रेलवे की योजना के तहत अजमेर और मदार रेलवे स्टेशनों के अलावा कायड़ विश्रामस्थली तथा गरीब नवाज अतिथि गृह स्थित बुकिंग केंद्रों पर अतिरिक्त टिकट एवं आरक्षण काउंटर खोलने पर विचार किया गया। यात्रियों की सहायता के लिए पूछताछ केंद्र और हेल्प डेस्क भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि जायरीनों को टिकट और ट्रेन संबंधी जानकारी आसानी से मिल सके।

बैठक में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को प्रमुखता दी गई। इसके लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने, प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त कुलियों की उपलब्धता, बुजुर्गों और दिव्यांग जायरीनों के लिए व्हीलचेयर तथा अतिरिक्त क्लॉक रूम की व्यवस्था पर चर्चा हुई।

इसके अलावा रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छ शौचालय, पर्याप्त पेयजल, प्री-पेड परिवहन बूथ और मदार स्टेशन पर उर्स स्पेशल ट्रेनों के ठहराव तथा यात्रियों के सुगम आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के सुझाव भी रखे गए।

दरगाह कमेटी से स्वयंसेवकों का सहयोग मांगा

डीआरएम राजू भूतड़ा ने कहा कि रेलवे हर वर्ष की तरह इस बार भी जायरीनों की सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा के लिए विशेष प्रबंध करेगा। उर्स के दौरान विशेष ट्रेनों का संचालन करने के साथ नियमित रेलगाड़ियों में अतिरिक्त डिब्बे भी लगाए जाएंगे। उन्होंने दरगाह कमेटी के सदस्यों से व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की उपलब्धता और आवश्यक सहयोग देने का आग्रह किया।

बैठक में वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक भारती भारद्वाज, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक मिहिर देव, मंडल सुरक्षा आयुक्त योगेन्द्र सिंह, मंडल परिचालन प्रबंधक विपिन यादव, सहायक परिचालन प्रबंधक अमर कुमार झा एवं जितेन्द्र सिंह यादव, सहायक वाणिज्य प्रबंधक राजकुमार स्वर्णकार, सीडीओ मदार लव धाकड़ और स्टेशन प्रबंधक रवीश कुमार सहित रेलवे के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

अंत में वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक भारती भारद्वाज ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। रेलवे प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि उर्स के दौरान जायरीनों की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।