अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ विवि इकाई का कर्तव्य बोध कार्यक्रम
उदयपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ विवि इकाई की ओर से आर्ट्स कॉलेज में कर्तव्य बोध कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
संगठन के प्रदेश सचिव डॉ बालू दान बारहठ के अनुसार कर्तव्य बोध कार्यक्रम में मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद् के प्रांत सह संयोजक सुंदर लाल कटारिया ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा युवा आबादी वाला देश है। यह आबादी राष्ट्र की शक्ति बने,इस दृष्टि से शिक्षण संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। युवा नैतिक रूप से तो चरित्रवान हो ही, राष्ट्र के प्रति कर्तव्य भावना के साथ उनका राष्ट्रीय चरित्र भी उज्ज्वल हो,यह सुनिश्चित होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि हमें अभी तक केवल गुलामी का इतिहास ही पढ़ाया गया जिससे कि हमारे मन में हीनता का भाव बना रहे जबकि भारत का सही इतिहास सतत संघर्ष,त्याग और स्वाभिमान का इतिहास रहा है जिससे आज की पीढ़ी को अवगत करवाना आवश्यक है।
मुख्य अतिथि आर्ट्स कॉलेज के अधिष्ठाता प्रो मदन सिंह राठौड़ ने कहा कि हम अधिकारों के प्रति जितने सजग है,उतनी सजगता अपने उत्तरदायित्वों के लिए भी रखनी होगी, तभी समरस एवं सशक्त समाज का निर्माण हो सकेगा। अपः दीपो भवः भारत की चिंतन परम्परा रही है, अतः समाज और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य भावना हमारी आदत का हिस्सा होना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विवि इकाई अध्यक्ष प्रो दिग्विजय भटनागर ने कहा कि पालन पोषण की हमारी व्यवस्था ने समाजिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है लेकिन अब माता पिता भी केवल कैरियर निर्माण के उपकरण मात्र बनते जा रहे है जबकि उन्हें भावी पीढ़ी को संस्कारित करने पर ध्यान देना चाहिए। एक अच्छा इंसान बनना बुनियादी आवश्यकता है,जिसके माध्यम से हम सभी तरह की समस्याओं का सामना कर सकते है।
कार्यक्रम में सह अधिष्ठाता डॉ नवीन नंदवाना, डॉ सिद्धार्थ शर्मा, डॉ विपिन खोखर, डॉ चेतना आमेटा, डॉ टीकम चंद, डॉ दीपा सोनी, डॉ विनीता राजपुरोहित, डॉ राजकुमारी अहीर, डॉ मनीष श्रीमाली, डॉ पारुल त्यागी, डॉ मोहित गोखरू, डॉ आशीष सिसोदिया सहित अनेक संकाय सदस्य एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।



