बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने खराब सेहत का हवाला देकर पद छोड़ा

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ढाका। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक चलना था, लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से करीब दो साल पहले ही त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र संसद के अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद को सौंपा। इसके बाद देश में अंतरिम राष्ट्रपति और नए राष्ट्रपति के चुनाव की संवैधानिक प्रक्रिया शुरू हो गई है।

अपने त्यागपत्र में 76 वर्षीय शहाबुद्दीन ने बताया कि वे हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, किडनी की बीमारियों और ऑटोनोमिक न्यूरोपैथी नाम की तंत्रिका संबंधी बीमारी से जूझ रहे हैं, जिसके कारण वे अक्सर कुछ समय के लिए बेहोश हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि इन शारीरिक और मानसिक असमर्थताओं के चलते वे इतने महत्वपूर्ण संवैधानिक पद की जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में सक्षम नहीं हैं और उन्हें अच्छे इलाज की आवश्यकता है।

बांग्लादेश के संविधान के अनुच्छेद 54 के तहत, राष्ट्रपति का पद रिक्त होने पर नया राष्ट्रपति चुने जाने तक संसद अध्यक्ष कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में दायित्व संभालेंगे। इस प्रावधान के अनुसार अहमद देश के कार्यवाहक राष्ट्रपति का पदभार संभालेंगे।

संविधान के अनुच्छेद 123(2) के अनुसार इस्तीफा देने या पद खाली होने के 90 दिनों के भीतर नए राष्ट्रपति का चुनाव कराना अनिवार्य है। देश में सत्तारूढ़ बंगलादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के बहुमत में होने के कारण उनके ही उम्मीदवार का अगला राष्ट्रपति बनना तय माना जा रहा है।

गौरतलब है कि 1971 के मुक्ति संग्राम के सेनानी और भ्रष्टाचार निरोधक आयोग के पूर्व आयुक्त रहे शहाबुद्दीन 24 अप्रैल 2023 को अवामी लीग सरकार के दौरान बांग्लादेश के 22वें राष्ट्रपति बने थे। अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद वे पिछली सरकार के एकमात्र वरिष्ठ संवैधानिक अधिकारी थे जो पद पर बने हुए थे।

मीडिया में इस तरह की खबरें आईं कि मई में लंदन में इलाज के दौरान उनके पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ फोन पर बातचीत हुई है। इस बात की भी अटकलें थीं कि बीएनपी सरकार और उनके बीच अविश्वास बढ़ गया है। इससे उन पर पद छोड़ने का राजनीतिक दबाव भी बढ़ रहा था।