बिहार में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का मतदान शांतिपूर्ण संपन्न

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पटना। बिहार की राजधानी पटना स्थित बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए गुरुवार को मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया।राज्य निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, विधानसभा क्षेत्र के कुल 3,79,616 मतदाताओं में से शाम पांच बजे तक 33.57 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

निर्वाचन कार्यालय के अनुसार उपचुनाव के लिए बनाए गए सभी 422 मतदान केंद्रों पर मतदान शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। मतदान के दौरान कहीं से भी किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। चुनाव को निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से पटना पुलिस लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करती रही। इसी क्रम में पुलिस महानिरीक्षक (केंद्रीय क्षेत्र) जितेंद्र राणा, पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार तथा वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा ने विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मतदान केंद्रों पर तैनात पुलिस बलों की सतर्कता एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की तथा चुनावी दायित्वों का निष्पक्षता और मुस्तैदी के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए।

इस उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के नीरज सिन्हा, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की रेखा गुप्ता और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर समेत कुल 25 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। मतदान समाप्त होने के साथ ही सभी उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में सुरक्षित हो गया।

मतदान के दौरान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी रहा। भाजपा ने जनसुराज पर फर्जी मतदान कराने की कोशिश का आरोप लगाया। भाजपा के प्रदेश महासचिव नितिन अभिषेक ने रिटर्निंग ऑफिसर को पत्र भेजकर मतदाताओं के सत्यापन की प्रक्रिया को सख्ती से लागू करने की मांग की। उन्होंने प्रत्येक मतदाता के मूल ईपीआईसी कार्ड की जांच और मतदाता सूची से पहचान का मिलान सुनिश्चित करने का आग्रह किया। पत्र की प्रति पटना के जिलाधिकारी को भी भेजी गई।

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हार का सामना करना पड़ेगा और राजद प्रत्याशी रेखा गुप्ता भारी मतों से जीत दर्ज करेंगी।

यादव ने बांकीपुर उपचुनाव के लिए जारी मतदान के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लगातार सुबह से हम फीडबैक ले रहे हैं। हमारे लोग हर बूथ पर मौजूद हैं और जहां-जहां से भी जानकारी मिल रही है, उससे स्पष्ट है कि इस उपचुनाव में भाजपा की हार होने वाली है। हमारी प्रत्याशी रेखा गुप्ता भारी मतों से जीतने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि तीन अगस्त को जब चुनाव परिणाम आएंगे तो पूरे देश को एक बड़ा संदेश जाएगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से जुड़ी प्रतिष्ठा वाली इस सीट पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ेगा।

राजद नेता ने कहा कि मतदाताओं का रुझान बदलाव के पक्ष में है और जनता ने इस उपचुनाव में भाजपा के खिलाफ मतदान करने का मन बना लिया है।
वहीं राजद प्रत्याशी रेखा गुप्ता ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कुछ स्थानों पर मतदाताओं पर भाजपा के पक्ष के समर्थन में मतदान करने का दबाव बनाया जा रहा है और चुनाव आयोग को इस मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना चाहिए।

दूसरी ओर, जन सुराज के सूत्रधार एवं प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि बिहार पुलिस ने भाजपा के इशारे पर उनके कई समर्थकों को हिरासत में लिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को उपचुनाव में हार का डर सता रहा है और इसी कारण उनके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सभी 422 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग और लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था की थी। अधिकारियों के अनुसार चुनाव की सुरक्षा के लिए केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की 14 कंपनियां तैनात की गई थीं। इसके अलावा नौ फ्लाइंग स्क्वॉड, 18 स्टैटिक सर्विलांस टीम, छह वीडियो सर्विलांस टीम, तीन वीडियो व्यूइंग टीम तथा 42 सेक्टर पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। चुनावी गतिविधियों की निगरानी के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया था। सभी मतदान केंद्रों पर नगर निगम के 1,266 कर्मियों की भी तैनाती की गई थी।

गौरतलब है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार में मंत्री रहे नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देने के कारण बांकीपुर सीट रिक्त हुई थी, जिसके बाद यह उपचुनाव कराया गया। राजधानी पटना की यह सीट लंबे समय से बिहार की राजनीति का केंद्र रही है और इसे भाजपा का परंपरागत गढ़ माना जाता है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा ने 1995, 2000, फरवरी 2005 और अक्टूबर 2005 के विधानसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज कर तत्कालीन पटना पश्चिम सीट को भाजपा का मजबूत आधार बनाया था। व्यापारी वर्ग, शिक्षित मध्यम वर्ग और पारंपरिक भाजपा समर्थकों के बीच उन्होंने मजबूत जनाधार तैयार किया। वर्ष 2006 में उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव में भाजपा ने उनके पुत्र नितिन नवीन को उम्मीदवार बनाया।

पहली बार चुनाव मैदान में उतरे नितिन नवीन ने जीत दर्ज कर अपने पिता की राजनीतिक विरासत संभाली और इसके बाद लगातार चुनाव जीतते रहे। वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद पटना पश्चिम विधानसभा का नाम बदलकर बांकीपुर विधानसभा कर दिया गया। नितिन नवीन ने 2010, 2015, 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज कर इस सीट पर भाजपा की पकड़ मजबूत बनाए रखी।

इस बार उपचुनाव का सबसे बड़ा आकर्षण जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर रहे। देश के कई प्रमुख राजनीतिक दलों और नेताओं के लिए चुनावी रणनीति तैयार कर चुके प्रशांत किशोर पहली बार स्वयं चुनाव मैदान में उतरे। उन्होंने बेरोजगारी, शिक्षा सुधार, पलायन, स्वास्थ्य सेवाओं, सुशासन और युवाओं की भागीदारी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनका दावा रहा कि बांकीपुर की जनता पारंपरिक राजनीति से अलग विकल्प तलाश रही है।

उधर राजद ने रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाकर चुनाव मैदान में उतारा। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने उनके समर्थन में रोड शो और जनसभाएं कीं। कांग्रेस तथा महागठबंधन के अन्य सहयोगी दलों के नेताओं ने भी चुनाव प्रचार में भाग लिया। तेजस्वी यादव ने महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय समस्याओं को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए दावा किया कि जनता बदलाव चाहती है।

राजग उम्मीदवार नीरज सिन्हा के पक्ष में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, गिरिराज सिंह, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, नित्यानंद राय, पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद तथा भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव प्रचार किया। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क अभियान और रोड शो का नेतृत्व किया।

चुनाव के दौरान एक अन्य चर्चित घटनाक्रम में राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन पत्र जांच के दौरान निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद तेज प्रताप यादव ने खुलकर प्रशांत किशोर का समर्थन किया। इस दौरान छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों में तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने का मुद्दा भी चुनाव प्रचार के दौरान चर्चा में रहा।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम केवल एक विधायक का चुनाव नहीं तय करेगा, बल्कि यह भी संकेत देगा कि राजधानी पटना में भाजपा का जनाधार कितना मजबूत बना हुआ है, राजद कितना प्रभावी विकल्प बन पा रहा है और क्या प्रशांत किशोर अपनी पहली चुनावी परीक्षा में सफलता हासिल कर बिहार की राजनीति में एक नए विकल्प के रूप में खुद को स्थापित कर पाते हैं। उपचुनाव की मतगणना तीन अगस्त को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाने की संभावना है। पूरी चुनाव प्रक्रिया चार अगस्त तक संपन्न कर ली जाएगी।