जयपुर। राजस्थान में बाजरे की सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर शुरू कराने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ ने आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन के मुताबिक, 5 अक्टूबर को जयपुर प्रांत की सभी 160 तहसीलों में किसान तहसील मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।
किसान संघ का कहना है कि मौजूदा समय में कई मंडियों में बाजरा MSP से काफी कम कीमत पर बिक रहा है। संघ के प्रांत अध्यक्ष कालूराम बागड़ा के अनुसार, किसानों को करीब 2,000 रुपए प्रति क्विंटल के भाव मिल रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए बाजरे का MSP 2,900 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
900 रुपए तक के अंतर का दावा
किसान संघ ने मंडी भाव और MSP के बीच अंतर को किसानों की आय से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया है। संगठन का कहना है कि यदि बाजार में किसानों को MSP से कम कीमत मिल रही है तो सरकार को हस्तक्षेप कर खरीद व्यवस्था शुरू करनी चाहिए, ताकि किसानों को घोषित समर्थन मूल्य का लाभ मिल सके।
प्रांत अध्यक्ष कालूराम बागड़ा ने राज्य सरकार को उसके चुनावी संकल्प पत्र में किए गए वादे की याद दिलाते हुए कहा कि सरकार ने बाजार में MSP पर खरीद का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक बाजरे की खरीद को लेकर किसानों को अपेक्षित व्यवस्था नहीं मिल पाई है।
भावांतर या सरकारी खरीद की मांग
भारतीय किसान संघ के प्रांत महामंत्री डॉ. सांवर मल सोलेट ने कहा कि राजस्थान देश के प्रमुख बाजरा उत्पादक राज्यों में है। संगठन का कहना है कि बाजरे के लिए बेहतर बाजार और निर्यात की संभावनाओं पर काम होने से किसानों को फायदा मिल सकता है।
किसान संघ ने राजस्थान में हरियाणा की तर्ज पर भावांतर व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई है। संगठन का कहना है कि यदि राज्य सरकार सीधे MSP पर बाजरा खरीदने की व्यवस्था नहीं करती है तो किसानों को बाजार भाव और MSP के बीच के अंतर की भरपाई की जानी चाहिए।
5 अक्टूबर को 160 तहसीलों में प्रदर्शन
प्रदेश उपाध्यक्ष छोगालाल सैनी ने बताया कि MSP पर बाजरा खरीद की मांग को लेकर 5 अक्टूबर को जयपुर प्रांत की सभी 160 तहसीलों में आंदोलन होगा। किसान तहसील मुख्यालयों पर धरना देंगे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर बाजरे की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग रखेंगे।
किसान संघ ने संकेत दिया है कि यदि सरकार की ओर से मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर आगे बढ़ाया जा सकता है।प्रेसवार्ता के दौरान प्रांत मंत्री श्रीचंद सिद्ध, जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण यादव, जिला मंत्री डॉ. लोकेश कुमार चंदेल सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।



