अजमेर में माली समाज के भाई-बहन की जोड़ी ने पार्षद बनकर रचा सियासी इतिहास, आशा और गणेश ने दर्ज की जीत

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वार्ड 64 से आशा तूनवाल 208 मतों से विजयी, वार्ड 66 में गणेश चौहान ने 983 वोटों के अंतर से हासिल की जीत

अजमेर। अजमेर नगर निगम चुनाव 2026 में भाई-बहन की एक जोड़ी ने पार्षद बनकर शहर की राजनीति में अपनी खास पहचान बनाई है। कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरीं आशा तूनवाल और उनके सगे भाई गणेश चौहान ने अपने-अपने वार्ड में जीत दर्ज कर परिवार की राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया। आशा तूनवाल वार्ड 64 से और गणेश चौहान वार्ड 66 से पार्षद निर्वाचित हुए हैं।

दोनों की जीत इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि गणेश चौहान को पिछले नगर निगम चुनाव में महज एक वोट से हार का सामना करना पड़ा था। इस बार शास्त्री नगर के मतदाताओं ने उन्हें बड़े अंतर से जिताकर पिछले चुनाव की हार का हिसाब बदल दिया।

एक वोट से हार के बाद 983 मतों से जीत

वार्ड 66 से कांग्रेस प्रत्याशी गणेश चन्द्र चौहान की जीत इस चुनाव के उल्लेखनीय परिणामों में शामिल रही। वर्ष 2021 के नगर निगम चुनाव में उनका मुकाबला भाजपा के नीरज जैन से हुआ था। उस चुनाव में गणेश चौहान महज एक वोट से पराजित हो गए थे। इस बेहद करीबी मुकाबले ने उस समय काफी चर्चा बटोरी थी।

लेकिन 2026 के चुनाव में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। शास्त्री नगर के मतदाताओं ने एक बार फिर गणेश चौहान पर भरोसा जताया और उन्होंने 983 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। पिछले चुनाव में एक वोट से मिली हार के बाद इस बार इतने बड़े अंतर से मिली जीत को उनके राजनीतिक सफर का अहम पड़ाव माना जा रहा है।

आशा तूनवाल का भी वार्ड में मजबूत जनाधार

भोपों का बाड़ा निवासी आशा तूनवाल वार्ड 64 से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर पार्षद बनी हैं। आशा तूनवाल इससे पहले 1995 में भी पार्षद रह चुकी हैं। स्थानीय राजनीति में उनका पुराना अनुभव और क्षेत्र में सक्रियता उनकी पहचान का हिस्सा रहे हैं।

इस चुनाव में उन्होंने 208 मतों से जीत हासिल की। आशा तूनवाल के परिवार का राजनीतिक जुड़ाव भी खास रहा है। उनके पुत्र निक्की तूनवाल ने भी इसी नगर निगम चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की। इस तरह परिवार के तीन सदस्यों की पार्षद के रूप में सफलता ने स्थानीय राजनीतिक हलकों में ध्यान खींचा है।

दोनों वार्डों में माली समाज के प्रत्याशियों पर जताया भरोसा

माली-सैनी समाज के गणेश चौहान मूल रूप से नया बाड़ा पुलिस लाइन क्षेत्र के निवासी हैं, जबकि शास्त्री नगर से उनका पुराना राजनीतिक जुड़ाव रहा है। क्षेत्र के लोगों ने उन्हें पहले भी पार्षद चुना था। पिछले चुनाव में बेहद कम अंतर से हार के बावजूद उन्होंने क्षेत्र में अपनी राजनीतिक सक्रियता बनाए रखी।

इस बार आशा तूनवाल और गणेश चौहान की जीत ने यह भी दिखाया कि स्थानीय निकाय चुनावों में उम्मीदवार का पुराना जनसंपर्क, क्षेत्र में सक्रियता और मतदाताओं का भरोसा कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।

अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों के चुनाव में कांग्रेस ने 37 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में जगह बनाई, जबकि भाजपा को 32 वार्डों में जीत मिली। 11 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे। ऐसे चुनावी माहौल में आशा तूनवाल और गणेश चौहान की जीत कांग्रेस के लिए भी स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण रही।