लखनऊ। कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में आरोपी मॉडल और ब्लॉगर श्रद्धा दुबे की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। लखनऊ पुलिस ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर की गिरफ्तारी के लिए 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आरोपियों की तलाश में पुलिस की दस टीमें लगाई गई हैं, जो लखनऊ सहित आसपास के जिलों और नेपाल सीमा से सटे इलाकों में दबिश दे रही हैं।
मामले की जांच के दौरान पुलिस अब उन लोगों के संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है, जिनसे कथित तौर पर घटना के बाद मदद मांगी गई थी। कॉल डिटेल्स के आधार पर करीब 20 मोबाइल नंबरों को जांच के दायरे में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ कारोबारी, बिल्डर और इवेंट कंपनियों से जुड़े लोगों के संपर्क होने की बात कही जा रही है। हालांकि, किसी व्यक्ति का फोन पर संपर्क में होना अपने आप में अपराध में संलिप्तता का प्रमाण नहीं है।
कॉल डिटेल्स से संदिग्ध संपर्कों की पड़ताल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि दुबे की कॉल डिटेल्स की जांच के दौरान कुछ ऐसे नंबर सामने आए हैं, जिन पर कथित तौर पर वारदात के बाद संपर्क किया गया था। जांच एजेंसियां इन संपर्कों की भूमिका और बातचीत के उद्देश्य का पता लगाने में जुटी हैं।
कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों को फरारी के दौरान किसी ने ठहरने, आने-जाने या अन्य तरह की मदद तो नहीं दी।
नेपाल सीमा पर भी बढ़ाई गई निगरानी
श्रद्धा दुबे और उसके साथियों के नेपाल की ओर भागने की आशंका के मद्देनजर सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाए जाने की खबर है। बहराइच, नौतनवा और पीलीभीत से जुड़े सीमावर्ती मार्गों पर निगरानी के साथ पुलिस आरोपियों की संभावित आवाजाही का पता लगाने में जुटी है।
इसके अलावा एयरपोर्ट प्रशासन को भी श्रद्धा की तस्वीर और पहचान संबंधी जानकारी भेजकर सतर्क रहने को कहा गया है। पुलिस का प्रयास है कि आरोपी हवाई मार्ग से कहीं जाने की कोशिश करें तो समय रहते सूचना मिल सके।
धमकी देने के आरोप, ऑडियो की पुष्टि नहीं
शिवा शर्मा की मां ने आरोप लगाया है कि श्रद्धा दुबे उनके बेटे को झूठे मुकदमे में फंसाने और जेल भिजवाने की धमकी देती थी। परिवार की ओर से मारपीट और प्रताड़ना के आरोप भी लगाए गए हैं।
इसी बीच कथित बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की जानकारी सामने आई है। इसमें एक व्यक्ति को अधिकारी से संपर्क होने का हवाला देकर धमकी देने की बात कही जा रही है। हालांकि, ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इसकी प्रामाणिकता को जांच के बिना तथ्य के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
फ्लैट से बरामद सामान भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान श्रद्धा से जुड़े फ्लैट से कुछ वस्तुएं और दवाएं बरामद होने की खबरें सामने आई हैं। पुलिस इन वस्तुओं की प्रकृति, उपयोग और मामले से उनके संभावित संबंध की जांच कर सकती है। हालांकि, केवल किसी वस्तु की बरामदगी के आधार पर किसी अवैध गतिविधि में संलिप्तता का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
पुलिस कारोबारी, बिल्डर और अन्य लोगों से जुड़े संपर्कों की भी जांच कर रही है। फिलहाल जांच का मुख्य उद्देश्य आरोपियों का पता लगाना और घटना से जुड़े तथ्यों तथा संभावित साक्ष्यों को एकत्र करना है।
फ्लैट से गिरने के बाद हुई थी कारोबारी की मौत
मामला कारोबारी शिवा शर्मा की मौत से जुड़ा है, जो श्रद्धा दुबे के साथ लिव-इन संबंध में रहते थे। पिछले सप्ताह एक सोसायटी के फ्लैट से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई थी। घटना के समय उनके शरीर पर केवल अंडरवियर होने की बात भी सामने आई थी।
शिवा की मां रंजना शर्मा ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की मौत सामान्य हादसा नहीं, बल्कि हत्या है। उन्होंने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और अन्य लोगों के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर हत्या सहित संबंधित आरोपों में मामला दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है।
परिवार ने श्रद्धा पर बेटे को प्रताड़ित करने, सिगरेट से जलाने और प्रभावशाली लोगों के माध्यम से धमकियां दिलवाने जैसे आरोप भी लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और मामले में वास्तविक भूमिका का निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगा।
पुलिस को आरोपियों की तलाश
पुलिस उपायुक्त मध्य विक्रांत वीर के अनुसार, श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और दानिश उर्फ तनवीर की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया है। पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और संदिग्ध संपर्कों से पूछताछ कर रही हैं।
फिलहाल तीनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस की जांच में अब आरोपियों की तलाश के साथ-साथ घटना से पहले और बाद की गतिविधियों, कॉल रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ने पर जोर है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी।



