मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बड़ी सौगात

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जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को एक लाख 22 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को दो यूनिफार्म के लिए एक-एक हजार रुपए डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की।

शर्मा ने यहां मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित कार्यक्रम में यह राशि डीबीटी की। इस दौरान शर्मा ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना, कालीबाई भील योजना के लाभार्थियों को चैक भी सौंपे। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्तां नौनिहालों का पूरा ध्यान रखती हैं और वे इस भावी पीढ़ी की नींव को मजबूत कर राष्ट्र निर्माण में बड़ी भूमिका निभा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले दो वर्ष में आंगनबाड़ियों के सुदृढ़ीकरण के लिए कई निर्णय लिए हैं। हमारी सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मिड डे मील कुक कम हेल्पर सहित समस्त मानदेय कर्मियों के मानदेय में 10 प्रतिशत की वृद्धि की है जो एक अप्रैल से प्रभावी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अमृत आहार योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष आयु के बच्चों को सप्ताह में पांच दिन गर्म दूध दिया जा रहा है तथा आंगनबाड़ियों के सुदृढ़ीकरण-मरम्मत का कार्य भी करवाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आगनबाड़ी कार्यकर्ता और महिला पर्यवेक्षकों को स्मार्ट फोन दिए गए हैं। साथ ही, आगामी समय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की आंखों की निःशुल्क जांच एवं चश्मा भी उपलब्ध करवाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि गांवों में बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण से ही सशक्त-आत्मनिर्भर भारत का निर्माण किया जा सकता है। इसी को ध्येय मानते हुए राज्य सरकार द्वारा 19 मार्च से 15 मई तक मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान का संचालन किया जा रहा है।

इस अभियान के तहत राज्य की सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय वार्डों के लिए स्थानीय आकांक्षाओं के अनुरूप विकास का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी इस पहल में हिस्सा लेते हुए गांवों के विकास को लेकर सुझाव दे तथा अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

शर्मा ने कहा कि महिलाओं के सशक्त होने से ही देश-प्रदेश का विकास संभव है। हमारी सरकार द्वारा लखपति दीदी योजना के तहत प्रदेश में अब तक 16 लाख से अधिक लखपति दीदी बनाई गई है। साथ ही, इस वर्ष के बजट में लखपति दीदी योजना के तहत ऋण राशि को एक लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि दूध पर पांच रुपये प्रति लीटर के अनुदान के माध्यम से पशुपालन से जुड़ी महिलाओं को लाभ मिला है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मा वाउचर योजना सहित विभिन्न योजनाओं द्वारा महिलाओं का सशक्तीकरण हुआ है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों में वर्ष भर आयोजित की जाने वाली गतिविधियों के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन भी किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं छोटे बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में बड़ी भूमिका निभाती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिला सशक्तीकरण को नए आयाम दिए है।

लखपति दीदी, सोलर दीदी, बैंक सखी जैसी योजनाओं से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं के उत्थान के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। राज्य सरकार महिलाओं की शिक्षा, कौशल, सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।इस दौरान महिला बाल विकास राज्यमंत्री मंजू बाघमार, शासन सचिव महिला एवं बाल विकास पूनम तथा विभिन्न अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं एवं सहायिकाएं मौजूद थी।