नई दिल्ली। नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफे की मांग पर कॉकरोच जनता पार्टी संस्थापक अभिजित दीपके ने के सोमवार को ‘संसद चलो’ प्रदर्शन के बीच पार्टी के अपना अनशन तोड़ा।
दीपके के साथ अनशन कर रहे तीन अन्य छात्रों ने भी 23 दिन के अपने अनशन को तोड़ दिया है। इससे पहले शनिवार को पुलिस ने जंतर-मंतर से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उठाकर सफदरजंग अस्पताल में ले जाने के बाद दीपके ने अपने अनशन की घोषणा की थी।
इस बीच वांगचुक ने भी अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर संसद भवन जाने की मांग की है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से कहा है कि उनका स्वास्थ्य ठीक है, तो उन्हें जाने दिया जाए। दूसरी ओर, संसद भवन के नजदीक पहुंचे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया और कुछ प्रदर्शनकारी हिरासत में भी ले लिए।
प्रदर्शनकारी छात्र संसद भवन के सामने सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। कुछ छात्रों ने बैरिकेड पार करने का प्रयास किया लेकिन कड़ी पुलिस बंदोबस्त के कारण वे बैरिकेड पार नहीं कर सके और फिर सड़क पर अन्य साथियों के धरने पर बैठ गए।
पुलिस के समझाने बूझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी छात्र वहीं डटे रहे। बाद में पुलिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारी वहां पहुंचे और वहां छात्रों से बात की लेकिन प्रदशर्नकारी छात्र अपनी जिद पर अड़े रहे। जिस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारी युवा पीछे हटने को मजबूर हुए। उसके बाद पूरी सड़क को खाली कराया गया।
क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू होने और संसद के मानसून सत्र के पहले दिन इलाके में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। पुलिस ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर संसद की ओर बढ़ रहे कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस वाहन में करीबी थाने में ले गए।
उल्लेखनीय है कि सीजेपी ने 20 जून को जंतर-मंतर पर प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ धरना प्रदर्शन शुरू किया था और शिक्षाविद् वांगचुक ने 28 जून को इसी मांग के साथ भूख हड़ताल शुरू की थी।



