कॉकरोच जनता पार्टी ने तीन मांगों के साथ जेपी नड्डा को सौंपा ज्ञापन

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नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र सरकार से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को रिहा करने, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने तथा नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को एक करोड़ रुपए की सहायता देने की मांग की है।

सीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ सोमवार को हुई बैठक में उन्हें सौंपे गये ज्ञापन में यह मांगें कीं। सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर यह ज्ञापन साझा करते हुए लिखा कि नड्डा ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों पर उचित स्तर पर चर्चा की जायेगी। उन्होंने यह आश्वासन भी दिया है कि जंतर-मंतर एवं उसके आसपास के इलाकों में पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होगी।

दास ने कहा कि मांगें पूरी होने तक उनका शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा। सोशल मीडिया पर साझा की गई ज्ञापन की तस्वीर में कहा गया कि प्रधान का इस्तीफा पहले दिन से सीजेपी की मांग रही है, क्योंकि वह कई पेपर लीक होने के लिए प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार हैं।

ज्ञापन में कहा गया कि इस देश के युवाओं का मानना है कि प्रधान भारत के शिक्षा मंत्री के तौर पर पूरी तरह नाकाम रहे हैं। नीट 2026 समेत कई परीक्षाओं के पेपर लीक होने और दूसरी गड़बड़ियों के लिए वे सीधे तौर पर ज़िम्मेदार हैं। हाल ही में सीबीएसई 12वीं के पोर्टल में गड़बड़ी और सीयूईटी परीक्षा में देरी जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं।

नीट पेपर लीक की वजह से 21 छात्रों ने आत्महत्या कर ली। हाल के समय में कई परीक्षाएं या तो लीक हुई हैं, उनमें देरी हुई है या तकनीकी दिक्कतें आयी हैं, लेकिन प्रधान की तरफ से न तो व्यवस्था में कोई सुधार किया गया, न ही कोई कार्रवाई हुई और न ही ऐसा करने की कोई मंशा दिखी, जो शिक्षा मंत्री के तौर पर उनकी भारी नाकामी को दिखाता है।

ज्ञापन में कहा गया कि वांगचुक ने 28 जून को इसी मांग के साथ भूख हड़ताल शुरू की थी और 20 जुलाई, अपराह्न तीन बजे तक वह हड़ताल पर हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए संगठन ने सरकार से तीन मांगें कीं।

बयान में कहा गया कि सोनम वांगचुक को बिना किसी प्रतिबंध के बिना रिहा किया जाये और उन पर कोई पाबंदी नहीं हो। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाए/उन्हें हटाया जाए। पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थियों के परिजनों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि दिल्ली पुलिस शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल का प्रयोग न करे।

दूसरी ओर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मुलाकात के बाद प्रदर्शनकारियों से अपना धरना खत्म करने की अपील की। श्री नड्डा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सोमवार सुबह पहली बार सीजेपी की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आया था और पूर्वाह्न 11:50 बजे से बातचीत शुरू हुई।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ यह बैठक बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तार से शुरुआती मौखिक चर्चा की गई, जिसके बाद शाम करीब चार बजे प्रतिनिधिमंडल ने एक ज्ञापन सौंपा।

नड्डा ने सभी प्रदर्शनकारियों से अपना धरना खत्म करने की अपील की और कहा कि इससे स्थिति को पूरी तरह सामान्य बनाने में प्रशासन की मदद मिलेगी।
इससे पूर्वस सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और नेता आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से उनके आवास पर मुलाकात की पुष्टि की। दास ने बताया कि दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद करीब दस मिनट तक हुई बैठक में उन्होंने पार्टी की मांगों का लिखित ज्ञापन सौंपा।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर कथित परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा सुधारों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने सीजेपी से बातचीत शुरू करने की बात कही थी। दास ने इससे पहले एक्स पर बताया कि वह और रांका स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात के लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने आज सुबह बातचीत के लिए संपर्क किया था। दास ने लिखा कि हम जेपी नड्डा से मिलने जा रहे हैं। हमारी मांगें स्पष्ट हैं। बड़ी संख्या में युवा आंदोलन से जुड़े हैं और हमें विश्वास है कि हमारी जीत होगी।