कांग्रेस ने की RSS के प्रकल्प सेवा भारती को हिंदू श्मशान भूमि का अवैध बेचान निरस्त करने की माँग

55
सिरोही जिला कलेक्टर को हिंदू श्मशान की भूमि सेवा भारती को देने के मामले में ज्ञापन देने पहुंचे सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और रेवदर के विधायक मोतीराम कोली।

सबगुरु न्यूज-सिरोही। पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार व पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम सिरोही जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी व नगर परिषद प्रशासक अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजेश गोयल के ज़रिए बुधवार को कलेक्ट्रेट में ज्ञापन प्रस्तुत किया। ज्ञापन में हिंदू श्मशान भूमि के अवैध बेचान, हस्तांतरण को लेकर दोषियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करवाने एंवम वैष्णव श्मशान कमिटी लाल वैरा की भूमि को अतिचार से मुक्त करवाने का आग्रह किया। ज्ञापन की प्रति जिला कलेक्टर व अतिरिक्त जिला कलेक्टर को भी सौंपा । दौरान रेवदर विधायक मोतीराम कोली भी मौजूद रहे ।

लोढ़ा ने ज्ञापन में बताया कि नगर परिषद सिरोही द्वारा राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज खसरा संख्या 2694 का 3750 वर्गफीट क्षेत्रफल का हिस्सा अवैध बैचान ज़रिए 14 जनवरी को के दिया है। इसका पट्टा विलेख अध्यक्ष मधुसूदन त्रिवेदी के माध्यम से सेवाभारती समिति सिरोही विधि विरुद्ध तरीके से कर दिया गया है। नगर परिषद सिरोही द्वारा 30 दिसंबर 2025 को जारी पट्टा विलेख संख्या 6 निजी वैष्णव श्मशान कमिटी लाल वेरा की सार्वजनिक सम्पत्ति का होने से प्रारंभत: शून्य है ।

लोढ़ा ने ज्ञापन में बताया कि स्वायत शासन विभाग जयपुर के निर्देशों की भी अवहेलना करते हुए नगर परिषद सिरोही प्राधिकृत अधिकारी आयुक्त नगर परिषद सिरोही ने विधि विरुद्ध तरीके से निजी सार्वजनिक उपयोग की राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज खसरा संख्या 2694 के दक्षिणी हिस्से से अवैध हस्तांतरण कर बिना राजस्व रिपोर्ट प्राप्त किए पट्टा जारी कर दिया, जो अवैध दस्तावेज है ।

लोढ़ा ने ज्ञापन में बताया कि खातेदार वैष्णव श्मशान कमिटी की निजी भूमि जो सनातन हिन्दू समाज के सार्वजनिक संस्कारों में उपयोग उपभोग में आ रही है। ऐसी बेशकीमती करोड़ो की भूमि का अवैध बैचान/ हस्तांतरण होने से हिन्दू समाज में रोष व्याप्त है। क्षेत्र में वातावरण दूषित होने एवं मुख्यालय पर आमरण अनशन होने पर प्रशासन के निर्देशानुसार तहसीलदार सिरोही द्वारा 16 फरवरी 2026 को बैचानशुदा भूमि की पैमाइश बाबत कमिटी का गठन किया गया। जिसमे सिरोही भूअभिलेख निरीक्षक बदाराम कुम्हार व भंवरलाल माली, पटवारी भरतलाल, उदयवीर और अशोक मेघवाल को नियुक्त किया गया था। जिनके द्वारा 21 फरवरी को खसरा संख्या 2691 से 2694 की मौके की पैमाइश करके खसरा संख्या 2692, 2697, 2699 के मध्य दूरी का मिलान करते हुए सीमाज्ञान किया गया। 21 फरवरी को इसकी मौका फर्द और उसके संलग्न नक्शा अपने हस्ताक्षरों करके जारी किया।

लोढ़ा ने ज्ञापन में बताया कि 21 फरवरी की सीमाज्ञान रिपोर्ट में हस्तांतरित भूमि खसरा संख्या 2694 की भूमि वैष्णव श्मशान कमिटी लाल वेरा की निजी, सनातन हिन्दू समाज के सार्वजनिक उपयोग की भूमि है। इसे नक्शे में भी लाल रंग दर्शाया गया है। राजस्व रिपोर्ट अनुसार यह प्रथम दृष्ट्या प्रमाणित किया गया है की बैचानशुदा भूमि का हस्तांतरण अवैध है ।

मौके पर खरीदार द्वारा रात के अंधेर में 10 बाय 10 की कोटड़ी बनाकर और आगे 30 फीट में बाउंड्री वॉल बनायी जाकर वैष्णव श्मशान कमिटी लाल वेरा खसरा संख्या 2694 के दक्षिणी हिस्से पर अवैध रूप से अतिचार किया गया है। जिसे क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है व तनाव की स्थिति बनी हुई है ।

लोढ़ा ने ज्ञापन में बताया कि नगर परिषद सिरोही के प्राधिकृत अधिकारी आयुक्त नगर परिषद सिरोही ने बिना राजस्व रिपोर्ट प्रस्तुत किए खरीदार को फायदा पहुंचाने के लिए पट्टा जारी कर दिया। ज्ञापन में बताया गया कि बदनियती से पट्टे में भूमि का खसरा संख्या 2695 दर्ज किया है। खसरा संख्या 2695 मास्टर प्लान में पार्क दर्ज है। मौके पर भी इस खसरा नम्बर की भूमि पर शहर का एक पार्क है जो नेहरू पार्क के नाम से जाना जाता है। जिसे चारों और चारदीवारी से सुरक्षित किया हुआ है। इस तरह सम्पूर्ण कार्य व कार्यवाही अवैध रूप से करके करोड़ो की बेशकीमती निजी सार्वजनिक उपयोग की सनातन हिन्दू समाज की भूमि का हस्तांतरण किया गया है ।

लोढ़ा ने जिला कलेक्टर से आग्रह किया की राजस्व विभाग की कमिटी द्वारा 21 फरवरी 2026 को किए गए सीमांकन से यह प्रमाणित है की प्राधिकृत अधिकारी आयुक्त नगर परिषद सिरोही द्वारा शमशान भूमि का अवैध बैचान/ हस्तांतरण किया गया है ।

-आरएसएस के प्रकल्प को उनके ही दिए शब्दजाल से घेरा 

रामझरोखा और हिंदू श्मशान की भूमियां आरएसएस के प्रकल्प आदर्श शिक्षा समिति और सेवा भारती के नाम क्रमशः 99 साल की लीज और पट्टे के माध्यम से स्थानांतरित की गई। एक जमीन मंदिर की ही है जिसका 99 साल का पट्टा आदर्श शिक्षा समिति को जारी किया गया। दूसरी जमीन हिंदू श्मशान की जिसे की सेवा भारती को पट्टे माध्यम से हस्तांतरित की गई है। आरएसएस विभिन्न प्रकल्पों के द्वारा किसी मुद्दे को बढ़ा चढ़ा के पेश करना होता है तो वो ज्ञापनों और भाषणों में ‘हिंदू समाज में रोष’ की विशिष्ट शब्दावली का उपयोग करती है। अब यही शब्दावली rss के विभिन्न प्रकल्पों द्वारा हिंदू समाज के मंदिरों और श्मशान की भूमि को अपने नाम करवाने पर इनके विरुद्ध इस्तेमाल किया जा रहा है।

– सबगुरु न्यूज ने प्रमुखता से उठाया था ये मुद्दा

रामझरोखा मंदिर की भूमि की तरह हिंदू श्मशान को भूमि को भी आरएसएस प्रकल्प को हस्तांतरित की जाने मुद्दे को भी सबगुरु न्यूज ने प्रमुखता से उठाया था। इसमें सैटेलाइट और रिवेन्यू मैप के माध्यम से बताया था कि कौनसी भूमि किस रिकॉर्ड में है और कहां है।

https://www.sabguru.com/court-order-merged-lalvera-devlopment-committee-in-hindu-shamashan-samiti

भाजपा ही एक कार्यकर्ता हरीश दवे के द्वारा सिरोही जिला मुख्यालय पर आमरण अनशन किया गया था। इसमें लाल बेरा की भूमि के सीमाकंन का मुद्दा भी शामिल था। प्रशासन से हुए समझौते के बाद इस भूमि की पैमाईश और सीमाज्ञान किया गया। इसी में सामने आया कि ये भूमि हिंदू श्मशान की है।

https://www.sabguru.com/seva-bharti-land-matter-is-different-from-swaroop-ganj-devi-bai-land-issue