जयपुर। राजस्थान में कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) में फर्जी पॉलिसी बनाने के मामले में टोंक और जयपुर जिले में ई-मित्र एवं किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार खरीफ 2026 के लिए टोंक जिले की मालपुरा तहसील और जयपुर जिले की शाहपुरा तहसील में फर्जी फसल बीमा कराने की गोपनीय शिकायत मिली थी, जिसकी जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई है।
कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने फर्जीवाड़ा करने वाले किसानों टोंक जिले की मालपुरा तहसील के मुकेश सैनी, सीताराम सैनी व फूलचंद तथा जयपुर जिले के दीपक सैनी व विनीता सैनी के साथ-साथ संबंधित सीएससी (ई-मित्र) संचालकों और अन्य संलिप्त किसानों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किये हैं।
जांच में सामने आया है कि भूमि रिकॉर्ड (जमाबंदी/गिरदावरी) में हेरफेर कर फर्जी पॉलिसियां बनाई जा रही थीं। बिना खातेदार की जानकारी के बटाईदार के रूप में बीमा कराया जा रहा था, एक ही खसरा नंबर पर कई पॉलिसियां जारी की जा रही थीं, खसरे के वास्तविक क्षेत्रफल से अधिक रकबे का बीमा कराया जा रहा था तथा खेत में बोई गई वास्तविक फसल के बजाय दूसरी फसल का बीमा दिखाया जा रहा था। विभाग का मानना है कि इस तरह का संगठित फर्जीवाड़ा संबंधित हितधारकों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।



