विधायक निधि के दुरुपयोग के मामले में पूर्व निर्दलीय विधायक बलजीत यादव अरेस्ट

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अलवर। राजस्थान में अलवर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की क्षेत्रीय इकाई ने विधायक निधि के दुरुपयोग के मामले में बहरोड़ से निर्दलीय विधायक रह चुके बलजीत यादव को मंगलवार देर रात गिरफ्तार कर लिया।

यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की दर्ज प्राथमिकी के आधार पर हुई है। ईडी इस प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच कर रही थी। ईडी ने उन्हें यहां शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर तब पकड़ा जब वे दिल्ली जा रहे थे। प्लाजा पर चार-पांच गाड़ियों में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी और कर्मचारी और सीआरपीएफ के जवान भी थे। यादव को हिरासत में लेकर वे तुरंत ही जयपुर के लिए रवाना हो गए।

सूत्रों ने बताया कि पूर्व विधायक यादव पर आरोप है कि उनके विधायक कार्यकाल के दौरान अलवर जिले की 32 सरकारी विद्यालयों खेल सामग्री की आपूर्ति में विधायक निधि का दुरुपयोग किया गया। यह राशि करीब चार करोड रुपए बताई जा रही है। जांच में सामने आया कि विद्यालयों को घटिया गुणवत्ता की खेल सामग्री दी गई, जबकि भुगतान सरकारी मानकों के अनुसार किया गया। यह आपूर्ति पूर्व विधायक के सहयोगियों और रिश्तेदारों से जुड़ी फर्मों के माध्यम से की गई।

सूत्रों ने बताया कि ईडी ने पिछले वर्ष इस मामले में व्यापक छापेमारी की थी। जनवरी 2025 में जयपुर में आठ, दौसा और अलवर में एक-एक ठिकानों सहित कुल 10 स्थानों पर कार्रवाई की गई थी। छापेमारी के दौरान 31 लाख रुपये की नकदी और संपत्तियों से जुड़े कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए थे, जिन्हें जांच के लिए महत्वपूर्ण माना गया। सूत्रों ने बताया कि एसीबी की जांच में कुछ फर्मों के साथ ही शिक्षा विभाग से जुड़े कुछ कर्मचारी और अधिकारी भी आरोपी बनाए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि श्री यादव वर्ष 2018 से 2023 तक बहरोड़ से निर्दलीय विधायक रहे। उन्होंने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम छेड़ी थी। वह भ्रष्टाचार के खिलाफ काले कपड़े पहनकर राज्य भर में धरना प्रदर्शन करते रहे थे। उन्होंने भ्रष्टाचार की जानकारी देने वालों को 51 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की थी। इसके लिए वह चर्चा में रहे थे।

वैसे तो यादव ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को समर्थन दिया था, लेकिन मार्च 2022 में नकल माफिया और गुरुकुल यूनिवर्सिटी फर्जीवाडे को लेकर गहलोत सरकार को कटघरे में खड़ा किया था। उन्होंने काले कपड़े पहनकर 12 घंटे तक लगातार जयपुर के सेंट्रल पार्क ट्रैक पर दौड़ लगाई थी।

भ्रष्टाचार के खिलाफ बलजीत यादव की यह मुहिम पूरे देश में चर्चा में रही थी। इसके अलावा उन्होंने भ्रष्टाचार के सबूत देने पर 51 हजार रुपए का इनाम देने की भी घोषणा की थी। अब उन्हीं पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर जांच एजेंसियों की कार्रवाई ने राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।