नई दिल्ली/जयपुर/अजमेर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जयपुर आंचलिक कार्यालय ने क्रिप्टो-करेंसी में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी के एक मामले में जयपुर और किशनगढ़ (अजमेर) में सात परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया तथा कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज और नकदी बरामद की।
ईडी की विज्ञप्ति के अनुसार यह कार्रवाई डिजी मुद्रा कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों रवि जैन और प्रकाश चंद जैन के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत जांच के सिलसिले में की गई।
ईडी के अनुसार आरोपियों ने अत्यधिक फायदा कराने का लालच देकर हजारों निवेशकों को माय विक्ट्री क्लब (एमवीसी) नामक मोबाइल ऐप के जरिए निवेश के लिए ललचाया। आरोप है कि निवेशकों ने ऐप में निवेश की गई राशि और कथित दैनिक मुनाफे की रिपोर्ट दिखाई जाती थी, लेकिन वास्तव में निवेशकों को न तो राशि निकालने का अवसर दिया गया और न ही कोई लाभ मिला।
ईडी के अनुसार तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य सामग्रियां जब्त की गई। इसके अलावा 11.3 लाख रुपए नकद मिले हैं। जांच में आरोपियों से जुड़ी संस्थाओं और व्यक्तियों के नाम पर करोड़ों रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों होने तथा विभिन्न बैंक खातों में लगभग 38 लाख रुपए होने का भी पता चला है। मामले में आगे की जांच जारी है।
ईडी की यह जांच एसटीएफ भोपाल (मध्य प्रदेश) तथा राजस्थान, हरियाणा, ओडिशा और महाराष्ट्र के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। जांच से पता चला है कि नामजद लोगों और उनके सहयोगियों ने निवेशकों से जुटाई गई रकम को कंपनी के प्रमोटरों, निदेशकों, उनके परिजनों, रिश्तेदारों और एजेंटों के निजी खातों में स्थानांतरित कर दिया गया।
जांच में दिखा है कि अपराध से अर्जित धन का उपयोग आरोपियों ने परिजनों के नाम पर अचल संपत्तियां खरीदने में किया। ईडी के अनुसार मुख्य आरोपी रवि जैन वर्तमान में दुबई में है और उसने वहां अचल सम्पत्तियों और अन्य व्यवसायों में निवेश किया है।



