गगनभेदी जयकारों के साथ गांव गूंजा, पुष्पवर्षा से स्वागत
भीम। मण्डावर-काछबली क्षेत्र में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन वीर हामाजी चौहान स्टेडियम वेर का चौड़ा काछबली में भव्य रूप से संपन्न हुआ। सम्मेलन में मुख्य वक्ता पृथ्वी सिंह भोजपुरा ने शिरकत की संत राजनाथ योगी एवं रामनाथ योगी, मातृशक्ति प्रियंका चौहान, फतहचन्द श्यामसुखा, विक्रांत सिंह, जितेंद्र योगी का सान्निध्य मिला।
मुख्य वक्ता पृथ्वी सिंह भोजपुरा ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मगरा भूमि पराक्रम और शौर्य की धरती है तथा मण्डावर-काछबली क्षेत्र का अपना विशेष महत्व है। उन्होंने गोरम घाट, काजलवास एवं केरुण्डा की तपोभूमि की महत्ता बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र सांस्कृतिक व धार्मिक दृष्टि से अमूल्य है।
उन्होंने मगरा क्षेत्र में हिंदुत्व की जागृति को सराहनीय बताया। वहीं राजनाथ योगी ने अपने संबोधन में कहा कि धर्म के प्रति समर्पण, त्याग और संस्कार ही समाज तथा विश्व के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। रामनाथ वन ने अपने उद्बोधन में बताया कि हिंदुत्व और हिंदू इस देश की परम आवश्यकता है । इसके लिए हम सबको संगठित रहकर इसके लिए काम करना पड़ेगा तथा इसकी जागृति हर घर और परिवार से जगानी पड़ेगी।
इससे पहले स्वागत व परिचय उदबोधन पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी मोहन सिंह चौहान ने दिया तथा आभार वीरम सिंह चौहान ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन संयोजक मिठू सिंह चौहान ने किया।
दो दिशाओं से निकली कलश यात्रा, स्टेडियम में समागम
हिन्दू सम्मेलन मीडिया प्रमुख जसवन्त सिंह मण्डावर ने बताया की आयोजन को लेकर विशाल कलश यात्रा का आयोजन किया गया, जो दो दिशाओं से निकाली गई। पहली कलश यात्रा मण्डावर पंचायत मुख्यालय जलेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर मालातों की गुआर, डूंगातों की गुआर, कनियातों की गुआर, चतरपुरा होते हुए आयोजन स्थल पहुंची। दूसरी कलश यात्रा मेडिया से प्रारंभ होकर चौड़ा, नयाघर, देवचौड़ा, पंचायत मुख्यालय काछबली, खेरावड़ी मार्ग से होते हुए सम्मेलन स्थल पहुंची। कलश यात्रा का ग्रामवासियों द्वारा जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। गगनचुंबी जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह धर्ममय बन गया।
सम्मेलन में भंवर सिंह, हजारी सिंह, रूप सिंह, सुरेंद्र सिंह, रणजीत सिंह, सेसू राम सालवी, मण्डावर प्रशासक प्यारी कुमारी चौहान, काछबली प्रशासक आशा देवी, हीराकंवर, लक्ष्मी देवी, लोकेंद्र सिंह, चुन्ना सिंह, दिनेश सिंह, ज्ञान सिंह, गणपत सिंह, भंवर सिंह, हिम्मत सिंह, नारायण सिंह, देवी कुमारी रैगर, पप्पू नाथ कालबेलिया, रमेश मुथा, वीरेंद्र सिंह, अनोप सिंह, मूल सिंह, पूरन सिंह, सुभाष सिंह, महेंद्र सिंह, मोहन सिंह, घनश्याम सिंह, मदन सिंह, जालम सिंह, लाखन सिंह, देवेंद्र नाथ रावल, अर्जुन सिंह, गोविंद सिंह, जितेंद्र सिंह, शैतान सिंह, ललित किशोर सिंह, सोहन सिंह, चंचल भंडारी, बुद्धा सिंह, हेम सिंह, रूपाराम, श्रवण सिंह, इंद्र सिंह, खंगार सिंह, विक्रम सिंह, छगन चावला, चेन सिंह, कैलाश सिंह, चेतन सिंह, मुकेश सिंह, अंकित सिंह, गोपाल सिंह, रमेश सिंह, नरेंद्र सिंह, राजू सिंह, गीता सालवी, मांगू सिंह, प्रह्लाद नाथ, पन्ना सिंह सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।


