तेहरान। ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ किसी भी नई बातचीत से इनकार कर दिया है। इससे ईरान, अमरीका और इज़राइल के बीच पूरे पश्चिम एशिया में सैन्य टकराव बढ़ने के साथ ही बयानबाजी और बढ़ गई है।
ईरान की सर्वाेच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव लारीजानी ने पर्दे के पीछे गोपनीय बातचीत(बैक चैनल डिप्लोमेसी) की खबरों को खारिज कर दिया है और अमरीकी राष्ट्रपति पर आरोप लगाया कि उन्होंने भ्रम वाली हरकतें करके इस इलाके को अस्थिरता में धकेल दिया है।
लारीजानी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ट्रंप ने अपने अमरीका पहले नारे को इज़राइल पहले में बदल दिया है और इज़राइल की इच्छाओं के लिए अमरीकी सैनिकों की कुर्बानी दे दी है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने अपनी भ्रम वाली कल्पनाओं से पश्चिम एशिया को अराजक स्थिति में धकेल दिया है और अब उन्हें और अमरीकी लोगों के मारे जाने का डर है। लेकिन ईरान अपना अभियान जारी रखेगा।
गौरतलब है कि अमरीका-इजराइल मिसाइल हमले में ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने खाड़ी में अमरीका के ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी हमले किए। इसमें बहरीन में लोगों के मारे जाने और इराक और कुवैत में और बमबारी होने की खबरें हैं।
अमरीकी सेना ने कहा है कि उसने 1,000 से ज़्यादा ईरानी ठिकानों पर हमला किया, जिसमें भूमिगत मिसाइल ठिकाने भी शामिल हैं और कई ईरानी नौसैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया है। श्री ट्रंप ने ईरान सुरक्षा बलों को हथियार डालने या मौत का सामना करने की चेतावनी दी और संकेत दिया कि अमरीकी सैन्य अभियान लगभग चार हफ़्ते तक चल सकता है।
तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने सोमवार को बताया कि ईरान सुरक्षा बलों ने देश के पश्चिम में एक इज़राइली हर्मीस ड्रोन को मार गिराया है। लोरेस्तान प्रांत के प्रशासनिक केन्द्र खोरमाबाद शहर के पास भी एक इज़राइली ड्रोन को मार गिराया गया है। इज़रायली सेना ने कहा है कि ईरान ने इज़राइल की ओर और मिसाइलें दागीं लेकिन उसकी वायु सुरक्षा प्रणाली ने उन्हें हवा में ही रोक कर नष्ट कर दिया।



