जयपुर के अपहरण कांड का मास्टरमाइंड करण आसवानी दुबई से अरेस्ट

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जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में पुलिसकर्मी की वर्दी का सहारा लेकर एक व्यापारी का अपहरण करने और उसके परिजनों से फिरौती मांगने वाले गिरोह के मुख्य आरोपियों में शामिल एवं अपहरण कांड का मास्टरमाइंड करण आसवानी उर्फ कमल सिंधी को दुबई से गिरफ्तार किया गया हैं।

पुलिस के अनुसार एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) टीम इस आरोपी को जयपुर लेकर पहुंची हैं। आरोपी के हिरासत में लिए जाने की सूचना प्राप्त होते ही उसे भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी क्रम में 31 अगस्त को जयपुर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आवश्यक कानूनी एवं समन्वय प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी करण आसवानी को अपने कब्जे में लिया और गुरुवार देर रात उसे लेकर जयपुर पहुंच गई।

जयपुर के खोह नागोरियान थाना क्षेत्र में व्यापारी नरेन्द्र नाथ दत्ता के अपहरण से शुरू हुई पुलिस जांच ने आरोपी को जयपुर से लेकर दुबई तक तलाशा। रेड कॉर्नर नोटिस के बाद एजीटीएफ की लगातार निगरानी और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से समन्वय के कारण आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई और अबू धाबी इंटरपोल की टीम द्वारा उसे हिरासत में लिए जाने के बाद एजीटीएफ राजस्थान की टीम उसे भारत लेकर पहुंची है।

खोह नागोरियान थाने में गत वर्ष 21 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। परिवाद के अनुसार व्यापारी नरेन्द्र नाथ दत्ता 20 अगस्त 2025 को जयपुर स्थित अपने घर से वैशाली नगर जाने के लिए निकले थे। उनके साथ उनके परिचित तथा चालक भी थे। बाद में उनके मोबाइल बंद आने पर परिजनों को चिंता हुई।

अगले दिन परिजनों को नरेन्द्र नाथ दत्ता के मोबाइल से फोन आया, जिसमें बताया गया कि उनका अपहरण कर लिया गया है और उन्हें छोड़ने के लिए फिरौती की रकम की व्यवस्था करने को कहा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और अपहृत नरेन्द्र नाथ दत्ता तथा उनके चालक योगेश को दस्तयाब कर सुरक्षित छुड़ाया।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने हर्ष गौतम, कनक गांगुली और अजय बेनीवाल उर्फ शाका को गिरफ्तार किया। अनुसंधान में सामने आया कि आरोपियों ने पुलिसकर्मी की वर्दी पहन कर एक साथ मिलकर नरेन्द्र नाथ दत्ता और अन्य व्यक्तियों का अपहरण कर उन्हें अलग-अलग स्थानों पर बंधक बनाकर रखा तथा परिजनों से फिरौती की मांग की थी।

जांच के दौरान हर्ष गौतम के कब्जे से अपहृत व्यक्तियों की इनोवा क्रिस्टा बरामद की गई। इसके अलावा वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट कार भी बरामद की गई।अनुसंधान में आरोपियों के आगरा एवं अन्य स्थानों पर अपहृत व्यक्तियों को बंधक बनाकर रखने की जानकारी सामने आई। जांच में करण आसवानी की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर तलाश की लेकिन वह लगातार फरार मिला।

जांच में यह भी सामने आया कि करण आसवानी संगठित अपराध के सिंडिकेट से जुड़ा हुआ था। अपहरण और फिरौती की इस वारदात में उसके साथ शामिल आरोपियों के विरुद्ध अपराध प्रमाणित पाया गया। पुलिस ने न्यायालय से उसके खिलाफ वारंट जारी करवाया। जब पुलिस ने उसके ठिकानों पर तलाश तेज की तो सामने आया कि वह देश छोड़कर भाग चुका है।