कर्नाटक के मुख्यमंत्री शिवकुमार ने एसआईआर को भविष्य के कल्याणकारी लाभों से जोड़ा

0

बेंगलूरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ उन्हीं लोगों को हासिल होगा जिनका नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में दर्ज होगा। उन्होंने नागरिकों से एक महीने तक चलने वाले मतदाता सत्यापन अभियान को गंभीरता से लेने की अपील करते हुए कहा कि यह प्रकिया लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए बहुत ही अहम है।

शिवकुमार ने पूरे कर्नाटक में एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने पर सभी मतदाताओं से मतदाता सूची में अपने नाम की पुष्टि करने और तय समय-सीमा के भीतर जानकारी दर्ज करने की अपील भी की है उन्होंने इस प्रक्रिया को लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए अहम बताते हुए कहा कि आपका मत आपके जीवन का अधिकार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मतदाता सूची से नाम छूटने के अलावा भी कई नुकसान हो सकते हैं।

उन्होंने दूसरे राज्यों में हो रहे बदलावों का जिक्र करते हुए दावा किया कि सरकारें कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान करते समय मतदाता रिकॉर्ड पर अधिक निर्भर हो रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग मतदाता सूची से बाहर हो जाएंगे, उन्हें भविष्य में सरकारी मदद पाने में मुश्किल हो सकती है। शिवकुमार ने खास तौर पर कर्नाटक की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं- जैसे गृह ज्योति, गृह लक्ष्मी और पेंशन सहायता की चर्चा करते हुए लोगों से कहा कि वे इस पुनरीक्षण प्रक्रिया को हल्के में न लें।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी मदद देगी कि हर योग्य नागरिक मतदाता सूची में शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) जानकारी दर्ज करने वाले फॉर्म बांटने और इकट्ठा करने के लिए घर-घर जाएंगे।

उन्होंने निवासियों से अपील की कि वे अपने बारे में सही जानकारी और हाल की तस्वीरें दें। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं की मदद के लिए बूथ-स्तरीय स्वयं सहायता डेस्क और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।