कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद 12 कांग्रेस विधायकों का इस्तीफा

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बेंगलूरु। कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मंत्री पद नहीं मिलने से नाराज 12 कांग्रेस विधायकों के विधानसभा से इस्तीफा देने की रिपोर्टों के बीच वरिष्ठ विधायक बेलूर गोपालकृष्ण ने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व ने जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर राजनीतिक परिवारों को प्राथमिकता दी है।

विधानसभा से इस्तीफा देने की घोषणा करते हुए श्री गोपालकृष्ण ने कहा कि मंत्री पद से वंचित 12 विधायक आपसी विचार-विमर्श के बाद मंगलवार को सामूहिक रूप से अपने इस्तीफे सौंपेंगे।

तीन बार के विधायक गोपालकृष्ण ने कहा कि यदि मंत्री पद केवल पूर्व मुख्यमंत्रियों और प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों के बच्चों के लिए हैं, तो सामान्य कार्यकर्ताओं से साफ कह दिया जाना चाहिए कि वे राजनीति में न आएं। उन्होंने आरोप लगाया कि रविवार देर रात तक उनका नाम मंत्रिमंडल की सूची में था, लेकिन बाद में उसे हटा दिया गया।

उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने तीन वर्ष तक इंतजार करने के लिए कहने के बाद भी अपना वादा पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि मैं किसान का बेटा हूं और तीन बार विधायक चुना गया हूं। मैंने कभी पार्टी विरोधी गतिविधियों में हिस्सा नहीं लिया, फिर भी मुझे अवसर नहीं दिया गया।

इस बीच, इंडी विधानसभा क्षेत्र के विधायक यशवंत रायगौड़ा पाटिल ने भी विधानसभा से इस्तीफा देने की घोषणा करते हुए आरोप लगाया कि मंत्रिमंडल गठन के दौरान उनसे किए गए वादे पूरे नहीं किए गए। उन्होंने मंत्री पद से वंचित किए जाने को बड़ी साजिश करार देते हुए कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों का नाम उचित समय पर सार्वजनिक करेंगे।

दूसरी ओर, बंगारपेट के विधायक एस नारायणस्वामी ने आरोप लगाया कि मंत्रिमंडल गठन में एक बार फिर कोलार जिले की उपेक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि कोलार और चिक्कबल्लापुर जिलों के कांग्रेस विधायक मंगलवार को बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।