अजमेर में मेडिकल और खाद्य प्रतिष्ठानों पर विधिक माप विज्ञान की कार्रवाई, 95 हजार रुपए जुर्माना

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अजमेर। उपभोक्ताओं को सही मात्रा, निर्धारित कीमत और आवश्यक उत्पाद संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ ने अजमेर जिले में तीन दिवसीय विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान मेडिकल उपकरणों के विक्रेताओं सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। जांच में सामने आई अनियमितताओं के मामलों में विभाग ने कुल 95 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।

विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ की ओर से बुधवार को अजमेर शहर में मेडिकल उपकरणों और संबंधित डिवाइस की बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों की अचानक जांच की गई। इस दौरान खंडेलवाल ड्रग सेंटर, विशाल एंटरप्राइजेज, क्वालिटी सर्जिकल और गहना सर्जिकल का निरीक्षण किया गया।

अधिकारियों ने मेडिकल उपकरणों और पैकेज्ड उत्पादों पर अनिवार्य घोषणाओं, अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) तथा विधिक माप विज्ञान से जुड़े अन्य मानकों की जांच की। विभाग के अनुसार निरीक्षण के दौरान इन प्रतिष्ठानों में व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।

तीन दिन में 15 प्रतिष्ठानों की जांच

विधिक माप विज्ञान अधिकारी एवं सहायक नियंत्रक भावना दयाल ने बताया कि 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान में अजमेर जिले के कुल 15 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इनमें मेडिकल प्रतिष्ठानों के अलावा खाद्य एवं अन्य पैकेज्ड उत्पादों से जुड़े प्रतिष्ठान भी शामिल रहे।

अभियान के दौरान कैलाश स्पाइसेज, अजमेर स्पाइसेज, बाल गोपाल फूड प्रोडक्ट, जैन फूड प्रोडक्ट, हरूमल फूड प्रोडक्ट, सुरेंद्र डेयरी, नटराज फूड प्रोडक्ट, श्री गुरुकुल फूड इंडस्ट्री, पैराडाइज रिसॉर्ट, श्री बालाजी फ्लोर मिल और डक्स फूड्स सहित अन्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई।

नियमों की पालना के निर्देश

जांच के दौरान सामने आई विभिन्न अनियमितताओं के संबंध में विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 और पैकेज्ड कमोडिटीज नियम, 2011 के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 95 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।

अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालकों और व्यापारियों को पैकेज्ड कमोडिटीज नियमों के तहत उत्पादों पर आवश्यक जानकारी, एमआरपी सहित अन्य अनिवार्य घोषणाएं स्पष्ट रूप से दर्ज करने और निर्धारित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

विभाग ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए मेडिकल उपकरणों, पैकेज्ड वस्तुओं और अन्य संबंधित प्रतिष्ठानों की जांच आगे भी जारी रहेगी। आकस्मिक निरीक्षण के जरिए नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।