खेजड़ृी बचाने के लिए बीकानेर में महापड़ाव में जनसैलाब उमड़ा

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बीकानेर। राजस्थान में खेजड़ी के पेड़ों की कटाई के विरोध में चल रहे खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत बीकानेर में सोमवार को महापड़ाव में जन सैलाब उमड़ पड़ा।

आंदोलन के तहत बीकानेर बंद का आयोजन किया गया जिसका व्यापक असर रहा। शहर के व्यापारिक संगठनों ने आंदोलन को समर्थन देते हुए अपने प्रतिष्ठान दोपहर दो बजे तक बंद रखे। वहीं, शहरी क्षेत्र के सरकारी एवं निजी स्कूलों में आधे दिन की छुट्टी घोषित की गई।

आंदोलन को लेकर प्रशासन सतर्क नजर आया।बंद के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने शहरभर में पुख्ता इंतजाम किए। खेजड़ी को बचाने के लिए बीकानेर में जन सैलाब उमड़़ पड़ा। इस पर आयोजित महा पड़ाव में भरी संख्या में लोग धरने पर बैठ गए।

इस आंदोलन को अपना समर्थन देने के लिए शिव विधायक रविंद सिंह भाटी भी महापड़ाव में पहुंचे। उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने यह मुद्दा मुद्दा विधानसभा में उठाया था, लेकिन जिम्मेदारों ने बात नहीं मानी। अब युवाओं को आगे आकर एकजुट होना पड़ेगा। सरकार को झुकाने के लिए बड़े आंदोलन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर विधानसभा का घेराव करना है तो मैं सबसे आगे रहूंगा।

दिन भर चले महापड़ाव के बाद से ही शाम को पॉलिटेक्निक कॉलेज पर प्रदर्शनकारी बैठे हुए हैं। यहां संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया, पोकरण विधायक प्रतापपुरी, भाजपा नेता बिहारी लाल बिश्नोई सहित कई नेता एवं गणमान्य लोग, शहरी एवं ग्रामीण समर्थन में पहुंचे हैं। इससे पहले सरकार की तरफ से प्रशासन की ओर से वार्ता करने कलेक्टर नम्रता वृष्णि महापड़ाव स्थल पर पहुंची, लेकिन वार्ता विफल रही। महापड़ाव में भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन सतर्क है।

आंदोलनकारियों का आरोप है कि बीकानेर सहित पश्चिमी राजस्थान में सोलर कंपनियां नई परियोजनायें लगाने के नाम पर बड़े पैमाने पर खेजड़ी के पेड़ काट रही हैं। कई बीघा भूमि पर सौर परियोजना स्थापित करने के लिए जमीन को पूरी तरह साफ किया जाता है। आंदोलनकारियों का यह भी कहना है कि कंपनियां रात के अंधेरे में पेड़ों को काटकर जमीन में दबा देती हैं, ताकि कोई विरोध न कर सके।

बीकानेर बंद को व्यापार उद्योग मंडल ने भी समर्थन दिया। इससे सभी प्रतिष्ठान बंद रहे। उधर, आंदोलनकारियों ने कहा है कि गर्दन कटा सकते हैं, पर पेड़ नहीं कटने देंगे। इस हुंकार के साथ बीकानेर की धरती एक ऐतिहासिक आंदोलन की गवाह बनी। राजस्थान के राज्य वृक्ष खेजड़ी को सोलर कंपनियों की कुल्हाड़ी से बचाने के लिए बीकानेर में महापड़ाव शुरू हुआ है।

इस महापड़ाव में युवा नेता शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी, विधायक अभिमन्यु पूनिया और पूर्व मंत्री भंवर सिंह भाटी सहित कई दिग्गज पहुंचे हैं। पूर्व विधायक महेंद्र बिश्नोई ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि हमने सलमान खान को नानी याद दिला दी थी, तो पेड़ों की कटाई करने वाली कंपनियां क्या चीज हैं। अब कानून में बदलाव और कड़ी सजा की जरूरत है।

बताया जा रहा है कि 10 राज्यों से करीब एक लाख लोग यहां पहुंचे चुके हैं। खेजड़ी को बचाने के लिए केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से भी हजारों की संख्या में लोग, विशेषकर महिलाएं पहुंची हैं। पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में एक लाख लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। आयोजकों ने बताया कि करीब एक लाख लोगों के खाने की व्यवस्था की गई है। अगर सरकार ने हमारी बात नहीं मानी तो आंदोलन तेज होगा।