जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं रात 12 बजे तक के लिए बंद

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नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के धरना और विरोध-प्रदर्शन के बीच जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। सूत्रों ने बताया कि फिलहाल इंटरनेट सेवाएं गुरुवार रात 12 बजे तक के लिए बंद हैं।

दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा ग्राहकों को फोन पर भेजे जा रहे संदेश में लिखा है कि सरकार के आदेश के अनुरूप, आपके इलाके में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं।

सूत्रों ने बताया कि आज सुबह सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सरकार से मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने का निर्देश मिला था जिसका समय बाद में बढ़ाकर रात 12 बजे तक कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट का प्रश्नपत्र लीक होने से आक्रोशित छात्र और अन्य प्रदर्शनकारी सीजेपी के आह्वान पर पिछले कई दिनों से नई दिल्ली के जंतर-मंतर धरनास्थल पर जुटे हैं। सरकार व्यवस्था बनाए रखने की बात कह कर आसपास के इलाके में मेट्रो और इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा रही है।

सरकार ने सीजेपी को बातचीत के लिए बुलाया; प्रदर्शनकारियों ने ‘तटस्थ जगह’ और ‘ठोस’ नतीजे की मांग की

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कॉकरोच जनता पार्टी को स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में बातचीत के लिए केंद्र सरकार का निमंत्रण दोहराया लेकिन जंतर-मंतर पर मौजूद सीजेपी नेतृत्व ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया और जोर देकर कहा कि कोई भी बैठक तटस्थ स्थान पर होनी चाहिए और उसका ठोस नतीजा निकलना चाहिए।

सीजेपी ने हाल के विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित पुलिस बर्बरता के शिकार लोगों के समर्थन में अपने समर्थकों, छात्र यूनियनों और नागरिक समाज समूहों से देश भर के जिलों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का आह्वान करते हुए शुक्रवार (24 जुलाई) को राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन की भी घोषणा की।

सिंह के अनुसार कथित पेपर लीक और अपनी मांगों को लेकर सरकार के आश्वासनों तथा बातचीत के निमंत्रण को लेकर यह चौथा प्रयास था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यदि ऐसी बातचीत होती है, तो वे उम्मीद करते हैं कि उससे कुछ ठोस निकलकर आएगा।

जंतर-मंतर पर समर्थकों को संबोधित करते हुए रांका ने कहा कि हम जितेंद्र सिंह जी और जेपी नड्डा जी से कहना चाहते हैं कि हम बहुत व्यस्त लोग हैं और हमारे पास किसी ‘हवाबाजी’ के लिए समय नहीं है। यदि आप हमसे मिलना चाहते हैं, तो आपको हमें कुछ ठोस प्रस्ताव देना होगा। आप बड़े लोग हैं और हम छोटे लोग हैं, लेकिन देश की जनता हमारे साथ खड़ी है, और उसने तय किया है कि बातचीत नड्डा जी के आवास या कार्यालय में नहीं होगी।

रांका ने दावा किया कि सरकार ने संदेश दिया है कि लोग गुस्से में हैं और वह बातचीत के लिए जंतर-मंतर नहीं आ सकती। रांका ने कहा कि हमने कहा कि हम किसी तटस्थ स्थान पर मिलने को तैयार हैं। लेकिन जितेंद्र सिंह जी कह रहे हैं कि हम या तो नड्डा जी के कार्यालय में मिल सकते हैं या आवास पर। इसके बाद उन्होंने वहां मौजूद समर्थकों से पूछा कि क्या उन्हें सरकार का यह प्रस्ताव स्वीकार करना चाहिए, जिस पर समर्थकों ने एक सुर में नहीं कहा।