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यह विशाल मूर्ति बनाने में लगा था 90 साल का वक्त

It was 90 years in the making of this huge idol

सबगुरु न्यूज़: एक विशाल प्रतिमा है, जिसे बनाने में 90 साल का वक्त लगा था लेशान बुद्ध के नाम से प्रसिद्ध 230 फीट लम्बी इस पत्थर की प्रतिमा को, यूनेस्को द्वारा सबसे ऊंची नक्काशीदार पत्थर से बनी हुई मूर्ति घोषित किया गया है|

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महात्मा बुद्ध की प्रतिमा चीन के लेशान में स्थित है ऐसी मान्यता है कि नए साल की शुरूआत में गौतम बुद्ध की इस प्रतिमा को एक बार देखने भर से ही किसी भी व्यक्ति की सोई किस्मत चमक सकती है|

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230 फीट लम्बी इस बुद्ध की मूर्ति की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बुद्ध के पैर का अंगूठा सामान्य डाइनिंग रूम में रखी जाने वाली, टेबल जितना बड़ा है|

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ये प्रतिमा लिंगयुआन पर्वत पर मौजूद है, जिसमें बुद्ध ध्यानमुद्रा में बैठे हुए हैं इस जगह के बारे में कहा जाता है इस मूर्ति का निर्माण ‘तंग’ वंश के दौरान 713 ई.सी में शुरू हुआ था इसे बनने में करीब 90 साल लगे|

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न्यूयॉर्क फैशन वीक में परिधान संग्रह पेश करेंगी पूर्वी दोशी

Purvi Doshi to showcase at New York Fashion Week 2017
Purvi Doshi to showcase at New York Fashion Week 2017

मुंबई। डिजाइनर पूर्वी दोशी सात सितंबर को न्यूयॉर्क फैशन वीक में अपना खादी संग्रह पेश करने की तैयारी कर रही हैं। उनका परिधान संग्रह भारत में हाथों से बुनाई किए हुए कपड़ों और प्राकृतिक रंगों से तैयार हुआ है।

इस जगह हुई थी महात्मा बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति

Mahatma Buddha had attained the knowledge of this place

सबगुरु न्यूज़: जहा पर महात्मा बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी और उस जगह का नाम है बोधगया जहा पर कई देशो की बौद्ध मोनेस्ट्री भी शामिल है एक ऐसा पावन स्थान जो की बिहार की राजधानी पटना के पास दक्षिण पूर्व में लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित बोधगया गया जिले से सटा हुआ एक छोटा सा शहर है|

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लोग ऐसा मानते है कि बोधगया में ही बोधि पेड़ के नीचे भगवान गौतम बुद्ध ने तपस्या कर ज्ञान की प्राप्ति की थी तभी से यह स्थल बौद्ध धर्म के लोगो और अनुयायियों के लिए अत्यन्त पावन और महत्वपूर्ण माना जाता है वर्ष 2002 में यूनेस्को के द्वारा इस स्थल को विश्व विरासत घोषित कर दिया है ऐसा कहा जाता है कि महात्मा गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति के 250 साल बाद राजा अशोक बोधगया गए थे|

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अशोक ने ही महाबोधि मंदिर का निर्माण करवाया था कुछ इतिहासकारो का भी मानना है कि इस मंदिर का निर्माण पहली शताब्दी में करवाया गया था ये एक ऐसा मंदिर है जिसमे महात्मा बुद्ध की एक बहुत बड़ी मूर्ति स्त्थापित है यह मूर्ति पद्मासन की मुद्रा में स्थापित है जनश्रूति है कि यह मूर्ति उसी जगह पर स्थापित है जहा पर गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था महाबोधि मंदिर को बिहार में इसे मंदिरो के शहर के नाम से भी जाना जाता है|

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अजमेर से 1 लाख 10 हजार में खरीदा गया ये बकरा बना आकर्षण  का केन्द्र

सबगुरु न्यूज़ उदयपुर/अजमेर। उदयपुर में शनिवार को होने वाली ईद की तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही है। बकरीद को लेकर उदयपुर शहर के हाथीपोल चैराहे पर बकरों की खासी भीड़ देखी जा रही है, तो वहीं इस ईद को मनाने के लिए उदयपुर में मुस्लिम समाज के एक व्यक्ति नूर मोहम्मद द्वारा करीब 2 क्विंटल के वजन का बकरा मंगवाया गया है।

पटकथा पसंद आने पर केडी जाधव पर बायोपिक बनाएंगे श्याम बेनेगल

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मुंबई। दिग्गज फिल्मकार श्याम बेनेगल ने शुक्रवार को कहा कि अगर उन्हें कोई पसंदीदा पटकथा मिलेगी तो वह पहले भारतीय ओलंपिक पदक विजेता खाशाबा दादासाहेब जाधव पर बायोपिक बनाएंगे।