Home Blog Page 6255

पाकिस्तानी फिल्म में काम करना के इच्छुक नरगिस फाखरी

Nargis Fakhri wants to work in pakistani entertainment industry
Nargis Fakhri wants to work in pakistani entertainment industry

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री नरगिस फाखरी पाकिस्तानी फिल्म में काम करना चाहती है। पाकिस्तानी पिता और चेक मूल की मां की संतान नरगिस का कहना है कि इस समय जब संस्कृतियों एवं नस्लों में विभाजन है, वह सीमाएं पार कर मनोरंजन जगत में काम करना चाहती हैं। इसके जरिये वह संदेश देना चाहती है।

भारतीय सिनेमा जगत के युगपुरूष थे ताराचंद बडज़ात्या

birth anniversary of founder of Rajshri Productions, thinker and philosopher, the late Tarachand Barjatya
birth anniversary of founder of Rajshri Productions, thinker and philosopher, the late Tarachand Barjatya

मुंबई। भारतीय सिनेमा जगत के युगपुरूष तारा चंद बडज़ात्या का नाम एक ऐसे फिल्मकार के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने पारिवारिक और साफ सुथरी फिल्म बनाकर लगभग चार दशकों तक सिने दर्शकों के दिल में अपनी खास पहचान बनाई।

टाइम सेलेबएक्स की सूची मे फवाद और प्रियंका नंबर वन

Fawad khan and Priyanka chopra are number one on Times Celebex powered
Fawad khan and Priyanka chopra are number one on Times Celebex powered

मुंबई। टाइम सेलेबएक्स वेबसाईट के सर्वे में पाकिस्तानी अभिनेता फवाद खान और देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा ने पहला पायदान हासिल किया है।

कंगना रनौत के साथ काम करना चाहते हैं अमिताभ

amitabh bachchan wants to work with Kangana Ranaut
amitabh bachchan wants to work with Kangana Ranaut

मुंबई। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन जानी-मानी अभिनेत्री कंगना रनौत के साथ काम करना चाहते हैं। अमिताभ, कंगना के बहुत बड़े प्रशंसक है और वह उनके साथ फिल्मों में काम करना चाहते हैं। हाल ही में अमिताभ बच्चन ने कहा कि वह कंगना के बहुत बड़े फैन हैं।

कैफी ने कहा था, एक दिन बड़ा शायर बनकर रहूूंगा

remembering Indian Urdu poet Kaifi Azmi on his death anniversary
remembering Indian Urdu poet Kaifi Azmi on his death anniversary

मुंबई। हिंदी फिल्म जगत के मशहूर शायर और गीतकार कैफी आजमी की शेरो-शायरी की प्रतिभा बचपन से ही दिखाई देने लगी थी। चौदह जनवरी 1919 को उत्तर प्रदेश मे आजमगढ़ जिले के मिजवां गांव में जन्मे सैयद अतहर हुसैन रिजवी उर्फ कैफी आजमी के पिता जमींदार थे। पिता हुसैन उन्हें ऊंची से ऊंची तालीम देना चाहते थे और इसी उद्देश्य से उन्होंने उनका दाखिला लखनऊ के प्रसिद्ध सेमिनरी सुल्तान उल मदारिस में कराया था।