
सलमान ने फैंस को फिल्म ‘टाइगर जिंदा है’ की पहली झलक दिखाई

इस बारिश में जहाँ लड़कियों की समस्या है कि
बहुत कोशिश की लेकिन Google Map अभी तक नहीं बता पाया
कि, प्यार हमें किस मोड़ पर ले आया।
मोहब्बत और कुछ करे या ना करे, मोबाइल ज़रूर साइलेंट करवा देती है।
शराबी चाहे कितना भी अनपढ क्यों न हो,
Quarter के तीन पेग ऐसे बनाता है,
जैसे किसी प्रयोगशाला का बहुत बडा Scientist हो!!
हे प्रभु बारिश करवा रहे हो या बॉडी स्प्रे मार रहे हो?
वहाँ ऊपर भी Fogg चल रहा है क्या?
अगर आप बेरोज़गारी, मोटापे, बेवफाई, व्यापार में घाटे से परेशान हैं तो…
रात 12 बजे के बाद न्यूज़ चैनल लगाएं, कोई न कोई किताब, ताबीज़ यंत्र ज़रूर मिलेगा।
इस बारिश में जहाँ लड़कों की समस्या है कि सिगरेट भीग जाने से टूट सकती है,
वहीं लड़कियों की मुख्य समस्या ये है कि गोलगप्प्पे कुरकुरे नहीं मिल रहे।
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सांपों कि आकर्षक दुनिया समटे हुए स्नेक पार्क
सांप, अपने आप में रहस्यमयी और खतरनाक जीव है। जिसे देखते ही लोगों के पसीन छूटने लगते है। सांपों इसी रहस्यमयी और रोचक विषशेताओं के चलते न जाने अब तक कितनी हिन्दी फिल्में और सीरियल्स बन चुके है। इन सभी में सांप कि विशेषताओं को रोचकता के साथ दिखाया गया है। साथ ही ज्यादा जहरीला और आकर्षक जीव होने की वजह से, यह रिसर्च और वाइल्डलाइफ में दिलचस्पी लेने वालों का भी ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता है। हमारे देश में सांपों कि अनग्नित प्रजातियां पाई जाती है। इन्हीं प्रजातियों को सहजने और सांपों के प्रति दिलचस्पी को बनाए रखने के लिए स्नेक पार्क बनाए गए है। जहां न सिर्फ इन्हें संरक्षित किया जाता है, बल्कि इनकी स्टडीज भी कि जाती है।
बच्चों को तेजी से गिरफ्त में ले रहा अस्थमा

नई दिल्ली। भारत में लगभग 70 करोड़ लोग कोयला या केरोसिन स्टोव व अन्य घरेलू स्रोतों से निकलने वाले धुएं में सांस लेते हैं। यह धुआं कार्बन कणों, कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रस ऑक्साइड, सल्फर ऑक्साइड, फॉर्मलडीहाइड और कैंसर कारक पदार्थ जैसे बेंजीन से भरपूर होता है। एक अध्ययन के अनुसार यह धुआं देश में अस्थमा का एक प्रमुख कारण है और यह बच्चों को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहा है।
कोई मुस्लिम या ईसाई आतंकवादी नहीं होता : दलाई लामा
