पटना। बिहार में सम्राट चौधरी मंत्रिपरिषद में विस्तार करते हुए 32 नए मंत्रियों को शामिल किया गया है, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री एवं जनता दल (यू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार भी शामिल हैं।
पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ लेने वालों में भारतीय जनता भार्टी से 15, जद यू से 13, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से दो तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) से एक-एक सदस्य शामिल हैं।
राज्य में नई सरकार का गठन 15 अप्रैल को किया गया था, उस दिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ दो उप मुख्यमंत्रियों विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव को शपथ दिलाई गई थी। दोनों उप मुख्यमंत्री जद यू से हैं। आज किए गए विस्तार के साथ बिहार मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री समेत मंत्रियों की कुल संख्या 35 हो गई है। मंत्रिपरिषद में पांच महिलाएं हैं।
आज शपथ लेने वालों में भाजपा के विजय सिन्हा, दिलीप जायसवाल, श्रेयसी सिंह, अरुण शंकर प्रसाद, मिथिलेश तिवारी, रामकृपाल यादव, नीतीश मिश्रा, रमा निषाद, केदार गुप्ता, नंद किशोर राम, रामचंद्र प्रसाद, इंजिनियर कुमार शैलेन्द्र, प्रमोद चन्द्रवंशी, संजय सिंह टाइगर तथा लखेंद्र कुमार रोशन शामिल हैं।
जदयू से श्रवण कुमार, लेसी सिंह, भगवान सिंह कुशवाहा, मो. जमा खान, शीला मंडल, अशोक चौधरी, निशांत कुमार, श्वेता गुप्ता, शैलेन्द्र कुमार उर्फ बुलो मंडल, मदन सहनी, रत्नेश सदा, दामोदर रावत और सुनील कुमार को मंत्री बनाया गया है।
लोजपा (रामविलास) से संजय कुमार सिंह तथा संजय कुमार, रालोमो से दीपक प्रकाश तथा हम से डाॅ. संतोष कुमार सुमन ने शपथ ली। शपथ लेने वाले नेताओं में मिथिलेश तिवारी, निशांत कुमार, स्वेता गुप्ता, शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, नन्दकिशोर राम, कुमार शैलेन्द्र और रामचन्द्र प्रसाद पहली बार मंत्री बने हैं। इनमें निशांत कुमार और दीपक प्रकाश विधानमंडल के किसी सदन के सदस्य नहीं है। दीपक प्रकाश पिछली नीतीश सरकार में भी शामिल थे।
सम्राट मंत्रिमंडल के तीन नए मंत्रियों में निशांत कुमार के साथ नीतीश मिश्रा और संतोष कुमार सुमन के पिता भी राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। नीतीश मिश्रा दिवंगत जगन्नाथ मिश्रा के पुत्र हैं, जो प्रदेश में कांग्रेस के आखिरी मुख्यमंत्री थे। संतोष सुमन जीतनराम मांझी के पुत्र हैं, जो 2014-15 में मुख्यमंत्री थे और इस समय केंद्र सरकार में मंत्री हैं।
समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, जे पी नड्डा, गिरिराज सिंह, जीतनराम मांझी तथा चिराग पासवान, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजेंद्र यादव और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। समारोह में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों के नेता, कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी उपस्थित थे।
इससे पहले पटना पहुंचने पर मोदी का हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री हवाई अड्डे से सडक मार्ग से गांधी मैदान पहुंचे। रास्ते में सड़क के किनारे बड़ी संख्या में लोगों ने मोदी का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। रास्ते के किनारे जगह-जगह मंच बने थे, जहां लोग नाच-गाना कर रहे थे और रास्ते में फूल बरसा रहे थे।
बिहार में भाजपा के नेतृत्व में पहली बार सरकार बनी है। इससे पूर्व भाजपा कई वर्षों तक नीतीश कुमार सरकारों में सहयोगी की भूमिका में रही है। गत 14 अप्रैल को नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद ही चौधरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलायी गयी थी। कुमार ने राज्य सभा का सदस्य बनने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
राज्य विधानसभा की सदस्य संख्या के लिहाज से मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री समेत अधिकत 36 सदस्य रखे जा सकते हैं। शपथ ग्रहण समारोह के लिए गांधी मैदान तथा आसपास के इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। बिहार में पिछले विधान सभाचुनाव में राजग गठबंधन को भारी सफलता मिली थी और नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने 20 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।



