मुंबई। महाराष्ट्र की लोकल ट्रेन में चाकू के इस्तेमाल से की गयी हत्या के केस को पुलिस ने महज 15 घंटे में सुलझा दिया है। इस मामले में पुलिस की मदद की हत्यारे की कमीज पर सिले गए कंपनी के नाम (लोगो) ने।
पुुलिस ने मीरा भयंदर के रहने वाले आरोपी रोशन सुवर्णा को पनवेल से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। उस पर मंगलवार रात चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल ट्रेन के भीतर हुए विवाद के दौरान 22 वर्षीय मयंक रमेश लोहार की चाकू मारकर हत्या करने का आरोप है।
जांचकर्ताओं के अनुसार, सुवर्णा मुंबई हवाई अड्डे के पास एक माल ढुलाई (कार्गो) कंपनी में बारकोड से जुड़े काम करता था।वहां उसके पिता और भाई भी काम करते हैं। पूछताछ के दौरान उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और घटना के बाद की कड़ियों का खुलासा किया।
पुलिस ने बताया कि सुवर्णा ने मंगलवार शाम काम खत्म करने के बाद अत्यधिक शराब का सेवन किया था। भारी बारिश के कारण वह शुरुआत में अंधेरी पूर्व से टैक्सी लेना चाहता था, लेकिन यातायात जाम से बचने के लिए वह अंधेरी स्टेशन से चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल ट्रेन के प्रथम श्रेणी के डिब्बे में सवार हो गया।
अंधेरी और बोरीवली स्टेशनों के बीच यात्रा के दौरान, भारी बारिश के बीच डिब्बे का दरवाजा बंद करने को लेकर सुवर्णा और मयंक लोहार के बीच बहस हो गई। जांचकर्ताओं ने बताया कि यह बहस हाथापाई में बदल गई, जिसके दौरान सुवर्णा ने कथित तौर पर चाकू निकालकर लोहार के पेट में घोंप दिया और ट्रेन के बोरीवली स्टेशन पहुंचते ही वहां से भाग निकला।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ट्रेन के पूरी तरह रुकने से पहले ही प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर उतर गया और भीड़ का फायदा उठाकर भाग गया। इसके बाद वह ऑटो रिक्शा से मीरा रोड स्थित अपने घर पहुंचा। घर पहुंच कर वह नहाया, कपड़े बदले और शहर से भागने की तैयारी की। उसने अपने परिवार को जल्द लौटने की बात कही और पनवेल के लिए एक टैक्सी किराए पर ली। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वह मैंगलोर भागने की योजना बना रहा था और उसने दोपहर 3 बजे की बस का टिकट भी बुक करा लिया था।
इस बीच, बोरीवली जीआरपी ने चर्चगेट और नालासोपारा स्टेशनों के बीच लगे लगभग 400 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। पुलिस को तब बड़ी सफलता मिली जब एक सीसीटीवी फुटेज में आरोपी की शर्ट पर एक कार्गो कंपनी का प्रतीक चिन्ह (लोगो) दिखाई दिया।
कंपनी की पहचान के सहारे पुलिस ने सुवर्णा के रोजगार रिकॉर्ड की जांच की और उसका पता तथा मोबाइल नंबर हासिल किया। उसकी लोकेशन ट्रेस करते हुए जांचकर्ता पनवेल रेलवे स्टेशन तक पहुंचे। बुधवार दोपहर करीब 2 बजे पुलिस टीम ने सुवर्णा को पनवेल रेलवे स्टेशन पर बैठे हुए पाया और उसे हिरासत में ले लिया। बाद में बोरीवली जीआरपी ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान सुवर्णा ने पुलिस से पूछा कि क्या पीड़ित अभी भी जीवित है। पुलिस ने उसे बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही पीड़ित की मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने कहा कि सुवर्णा का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। हमले में इस्तेमाल किया गया चाकू उसने घटना से कुछ दिन पहले ही एक दोस्त से खरीदा था और उसे अपने बैग में रखा था। जांचकर्ता अब उस दोस्त से भी पूछताछ कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि हथियार किस उद्देश्य से दिया गया था।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत सुरक्षित कर लिए हैं और घटना से जुड़ी सभी परिस्थितियों का पता लगाने के लिए आगे की जांच की जा रही है। इस बीच, सुवर्णा को आज स्थानीय रेलवे अदालत में पेश किया गया, जहां जीआरपी द्वारा आगे की पूछताछ के लिए मांगी गई हिरासत की अर्जी स्वीकार करते हुए अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है।



