पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बतौर मध्यस्थ इस्लामाबाद एमओयू पर किए दस्तखत

0

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बतौर मध्यस्थ ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर दस्तखत किए। पाकिस्तानी मीडिया ने प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान की तरफ से मध्यस्थता के अंतिम समर्थन दस्तावेज पर अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के दस्तखत पहले से ही मौजूद थे।

बयान के मुताबिक शांति समझौते को तय समय से पहले पूरा हुआ बताया गया, जिसमें दोनों पक्ष दुश्मनी खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर राजी हुए। इसमें आगे दावा किया गया कि समझौता पहले ही लागू हो चुका था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में पैलेस ऑफ वर्सेल्स में अमेरिका-ईरान समझौता की एक कॉपी पर दस्तखत करके अपनी जी-7 यात्रा पूरी की।

एक अमरीकी अधिकारी ने कहा कि इसके बाद अमरीका ने दस्तखत किए गए समझौते की एक फोटो ईरानियों को भेजी। इसके बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने दस्तावेज पर दस्तखत किए। यह समझौता अमरीका और ईरान को 60 दिनों के अंदर एक अंतिम समझौता करने का वादा करता है।

इसमें यह भी कहा गया है कि अमरीका छूट देगा ताकि ईरान तेल निर्यात कर सके और इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रावधान बताए गए हैं। यह अमरीका और क्षेत्रीय साझेदारों को ईरान के लिए 300 बिलियन डॉलर का पुनर्निर्माण कोष बनाने का भी वादा करता है। अधिकारियों ने समझौते को दुश्मनी खत्म करने और क्षेत्रीय स्थिरता वापस लाने के मकसद से एक बड़ी कूटनीतिक कामयाबी बताया।

बयान में कहा गया कि समझौता में खास समुद्री रास्तों को फिर से खोलने के प्रावधान शामिल हैं और इसमें बड़े आर्थिक पुनर्निर्माण और प्रतिबंध से जुड़े प्रतिबद्धता की रूपरेखा है। विवरण हालांकि अभी साफ नहीं हैं और स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। इसमें कहा गया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत 60 दिनों के लिए जारी रहेगी, जिसे आपसी सहमति से बढ़ाया जा सकता है।