तेहरान। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने सोमवार को कहा कि उसने एक नई विकसित वायु रक्षा प्रणाली का उपयोग कर हॉर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर एक अमरीकी एमक्यू-9 ड्रोन को मार गिराया है।
आईआरजीसी ने टेलीग्राम चैनल पर जारी बयान में कहा है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर आईआरजीसी के नए उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम के एक एमक्यू-9 ड्रोन को रोककर मार गिराया गया। आईआरजीसी से जुड़ी तसनीम समाचार एजेंसी ने भी सूचना दी कि गार्ड्स के एयरोस्पेस बलों ने इस रणनीतिक जलमार्ग में ड्रोन की मौजूदगी का पता लगाने के बाद उसे निशाना बनाया।
यह दावा ईरान-अमरीका के बीच वैश्विक समुद्री व्यापार के प्रमुख मार्ग हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़े तनाव के बीच आया है। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि वे फिलहाल अमरीका से सीधी बातचीत नहीं कर रहे हैं, बल्कि ओमान के साथ जलडमरूमध्य के जरिये समुद्री आवाजाही के लिए एक अस्थायी सुरक्षित गलियारा स्थापित करने की संभावना पर चर्चा कर रहे हैं।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान नेविगेशन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित प्रवेश और निकास लेन वाले एक अस्थायी मार्ग की व्यवस्था पर ओमान के साथ मिलकर काम कर रहा है। इस बीच, अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सोमवार को ईरान के साथ बातचीत फिर से शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने विश्वास जताया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर समझौते तक पहुंचने पर प्रगति हो सकती है।
हाल के हफ्तों में अमरीका-ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है, जहां दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर युद्धविराम व्यवस्था के उल्लंघन का आरोप लगाया है और आगे की सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। ड्रोन गिराए जाने की इस घटना ने खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है, जहां होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण मार्ग बना हुआ है। अमरीका ने कथित तौर पर ड्रोन गिराए जाने के आईआरजीसी के दावे की अभी तक पुष्टि नहीं की है।



