उदयपुर की झीलों में पेट्रोल-डीजल चालित नावों को नहीं दिए जाएंगे लाइसेंस

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उदयपुर। राजस्थान में झीलों की नगरी उदयपुर में न्यायालय द्वारा झीलों में पैट्रोल-डीजल चालित नावों पर लगाई गइई रोक को देखते हुए जिला प्रशासन ने नए लाइसेंस जारी नहीं करने के निर्देश दिए हैं।

कलक्टर नमित मेहता ने मंगलवार को जिला स्तरीय झील विकास समिति की त्रैमासिक बैठक में कहा कि उदयपुर झीलों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। परिवहन विभाग पेट्रोल-डीजल चालित नावों को नए लाइसेंस जारी न करे वहीं वर्तमान में संचालित नावों को बंद करवाया जाए।

नगर निगम आयुक्त ने अवगत कराया कि बड़े होटलों को नोटिस जारी करके पेट्रोल-डीजल चालित नावें बंद करने को कहा गया है। इस पर कलक्टर ने कहा कि जो भी नोटिस की पालना नहीं करें उनकी नावों को जब्त करने की कार्रवाई की जाए।

बैठक में नावों के वार्षिक शुल्क की दर का नवीनीकरण, रूट निर्धारण, सूर्यास्त पश्चात संचालन आदि बिंदुओं पर चर्चा करते हुए जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि नियमों के अनुसार ही सारी कार्रवाई की जाए।

बैठक में सोलर संचालित डबल डेकर क्रूज को परीक्षण के लिए नियमानुसार अनुमति प्रदान करने, होटलों में शादी-समारोहों में नावों के उपयोग पर शुल्क निर्धारण, झील किनारे पिंक टायलेट निर्माण पर भी चर्चा की गई।

झीलों में गश्त लगाने के लिए प्रशिक्षित होमगार्ड्स की नियुक्ति एवं उन्हें पेट्रोल चालित नावों सहित अन्य आवश्यक उपकरण मुहैया कराने पर भी विचार विमर्श किया गया।