इंफाल। मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में एक पेट्रोल पंप पर बम फेंके जाने के दो दिन बाद शनिवार से पूरे प्रदेश के पेट्रोल पंप अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए गए।
मणिपुर पेट्रोलियम डीलर्स फ्रेटरनिटी (एमपीडीएफ) ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को लिखे एक पत्र में कहा कि राज्य अधिकारियों के आश्वासन और उठाये गये कदमों के बावजूद पेट्रोल पंप मालिकों को गंभीर सुरक्षा खतरों का सामना करना पड़ रहा है। एमपीडीएफ ने मोइरांग में मेसर्स एलिडास पेट्रोल पंप पर गुरुवार रात हुए बम धमाके को मौजूदा असुरक्षा का सबूत करार दिया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गुरुवार रात दोपहिया वाहन पर सवार अज्ञात बदमाशों ने पेट्रोल पंप पर विस्फोटक फेंका, जिससे धमाका हुआ। इस घटना में
किसी के घायल होने की खबर नहीं है, हालांकि इससे इलाके में दहशत फैल गयी और इसी के साथ राज्य भर के पेट्रोल पंप डीलरों में चिंता बढ़ गई।
एमपीडीएफ ने सरकार से मांग की कि वह पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा बढ़ाकर और डीलरों और उनके कर्मचारियों की सुरक्षा पक्की करके भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।
उन्होंने सरकार से बम हमलों और अपहरण जैसी भविष्य की किसी भी घटना की पूरी ज़िम्मेदारी लेने की भी अपील की एवं पेट्रोल पंप के बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के लिए मुआवज़े का भरोसा और डीलरों या कर्मचारियों के घायल होने या जान जाने की स्थिति में ज़्यादा से ज़्यादा मुआवज़ा देने की भी मांग की।
एमपीडीएफ ने मोइरंग घटना में हुए नुकसान के लिए तुरंत मुआवज़े की मांग करते हुए कहा कि उसने आज से सभी पेट्रोल पंप और उनके आस-पास के इलाकों को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का एकमत से फ़ैसला किया है।
उन्होंने कहा कि यह शटडाउन तब तक जारी रहेगा जब तक अधिकारी तुरंत ध्यान नहीं देते और उनकी सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए कोई आपसी सहमति वाला हल नहीं निकाल लेते। बंद के कारण लोगों ने अवैध रूप से लगभग 180 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल खरीदा है।



