मोदी ने रोजगार मेले में 61,000 से अधिक युवाओं को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को यहां रोजगार मेले में देश के 61,000 से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं के नियुक्ति पत्र प्रदान किए और समारोह को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि भारत दुनिया की एकमात्र बड़ी अर्थव्यवस्था है जिसने एक दशक में अपनी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को दोगुना किया है।

मोदी ने इन नियुक्ति पत्रों को नेशन बिल्डिंग इनविटेशन लेटर और विकसित भारत के निर्माण को गति देने वाला संकल्प पत्र करार देते हुए कहा कि वर्ष 2026 का यह आरंभ युवाओं के जीवन में नई खुशियों और नई वसंत की शुरुआत लेकर आया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं को कौशल से जोड़ना और उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर देना सरकार की प्राथमिकता रही है। उन्होंने बताया कि सरकारी भर्तियों को मिशन मोड पर करने के लिए शुरू किया गया रोजगार मेला अब एक संस्थान बन चुका है, जिसके जरिए लाखों युवाओं को विभिन्न विभागों में नियुक्तियां मिली हैं। आज देश के 40 से अधिक स्थानों पर यह मेला आयोजित किया जा रहा है, जहां से युवा शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और वित्तीय सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं शुरू करेंगे।

देश की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा पिछले 10 वर्षों की तुलना में भारत में ढाई गुना से अधिक विदेशी निवेश आया है, जिसका सीधा अर्थ यह हुआ कि देश में युवाओं के लिए रोजगार के अनगिनत अवसर हैं। प्रधानमंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में छह गुना वृद्धि और ऑटो उद्योग की तेज प्रगति का उदाहरण देते हुए कहा कि 2025 में दो पहिया वाहनों की बिक्री दो करोड़ के पार पहुंचना देश की बढ़ती क्रय शक्ति को दर्शाता है।

नारी शक्ति के बढ़ते योगदान पर प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के आयोजन में 8,000 से ज्यादा बेटियों को नियुक्ति पत्र मिले हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में देश के कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी करीब दो गुनी हुई है और महिला स्वरोजगार की दर में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने स्टार्टअप्स और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम में महिला संस्थापकों और निदेशकों की बढ़ती संख्या को देश के लिए शुभ संकेत बताया।

प्रधानमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों को नागरिक देवो भव का मंत्र देते हुए उन्हें अपने कार्यस्थल पर छोटे-छोटे सुधार करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को स्थानीय स्तर पर सरकारी कर्मचारी की नियत से ही ताकत मिलती है।

उन्होंने युवाओं से आई-गॉड कर्मयोगी प्लेटफॉर्म का उपयोग कर खुद को लगातार अपग्रेड करने का आह्वान किया। मोदी ने अंत में विश्वास जताया कि इन्हीं युवाओं के माध्यम से 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बनेगा। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री डाॅ. जितेंद्र सिंह ने भी युवाओं को संबोधित किया।