लालकृष्ण आडवाणी जीवन के 100वें वर्ष में हुए प्रवेश, प्रधानमंत्री मोदी ने आवास पर पहुंचकर दी बधाई

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री भारत रत्न लालकृष्ण आडवाणी रविवार, 8 नवंबर को अपने जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश कर गए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए देश के प्रति उनके लंबे राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद किया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बधाई संदेश साझा करने के साथ ही आडवाणी के जीवन और राजनीतिक यात्रा पर एक विशेष लेख भी लिखा।

आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था। रविवार को 99 वर्ष पूरे करने के साथ उन्होंने जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आडवाणी का भारत के प्रति योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।

विभाजन की त्रासदी से लेकर भाजपा के निर्माण तक का सफर

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने लेख में आडवाणी के जीवन के विभिन्न महत्वपूर्ण पड़ावों का उल्लेख किया। उन्होंने 1947 के भारत विभाजन की त्रासदी का जिक्र करते हुए बताया कि आडवाणी को अपना घर छोड़कर नए सिरे से जीवन शुरू करना पड़ा था। इसके बावजूद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहते हुए भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मोदी ने जनसंघ को मजबूत बनाने, भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और आपातकाल के दौरान लोकतंत्र के लिए उनके संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने सोमनाथ से अयोध्या तक निकाली गई राम रथयात्रा का नेतृत्व करने तथा केंद्र सरकार में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाकर देश की सेवा करने के उनके योगदान को रेखांकित किया।

मोदी ने आवास पर पहुंचकर लिया आशीर्वाद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार शाम आडवाणी के आवास पर पहुंचकर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी और शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ नेता से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। भाजपा मुख्यालय में भी इस अवसर पर विशेष हवन का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया।

वाजपेयी के साथ राजनीतिक साझेदारी को भी किया याद

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने लेख में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी की लंबी राजनीतिक साझेदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने कई दशकों तक साथ काम करते हुए भारतीय राजनीति की दिशा को प्रभावित किया। मोदी ने आडवाणी की वैचारिक स्पष्टता, अध्ययनशीलता और लेखन क्षमता को भी उनके व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण पक्ष बताया। उन्होंने आडवाणी की पढ़ने में गहरी रुचि, भारतीय संस्कृति और सिनेमा के प्रति लगाव तथा एक लेखक के रूप में उनके योगदान का भी उल्लेख किया।

2024 में मिला था भारत रत्न

लालकृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति में भाजपा के प्रमुख संस्थापकों और संगठन को विस्तार देने वाले नेताओं में शामिल रहे हैं। उन्होंने तीन बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का दायित्व संभाला और वर्ष 2002 से 2004 तक देश के उप प्रधानमंत्री रहे। केंद्र सरकार में गृह मंत्री सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी निभाईं। वर्ष 2024 में केंद्र सरकार ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया था।

आडवाणी के 100वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश उनके लंबे राजनीतिक सफर, संगठनात्मक योगदान और भारतीय राजनीति में उनकी भूमिका को फिर से चर्चा में ले आया।