PM की पेट्रोल डीजल बचाने की अपील CM की रैली के लिए हुई धुंआ-धुंआ 

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मुख्यमंत्री भजनलाल की आबू पर्वत की आबूराज धन्यवाद सभा में जाने के लिए लोगों को ले जाने के लिए लगाई गई बसों की आबूरोड के पेट्रोल पंप पर लगी कतारें।

आबूरोड। रुपया डॉलर के मुकाबले धड़ल्ले से गिर रहा है ऐसे में आयात बिल बढ़ने लगा है। विदेशी निवेशक देश के शेयर बाजार से पैसे निकाल रहे हैं। पेट्रोल और डीजल पर आयात निर्भरता के कारण ज्यादा डॉलर देने पड़ रहे हैं। विदेशी मुद्रा भंडार पड़ रहे दोहरे दबाव को कम करने के लिए प्रधानमंत्री ने देशवासियों से डीजल पेट्रोल के दुरुपयोग रोकने की अपील की। एक संदेश दें के लिए सिम्बोलिक रूप से उन्होंने अपने काफिले को भी कम किया। लेकिन क्या भाजपा शासित राज्यों की सरकारें भी ऐसा ही कर रही हैं। इसका बानगी आबूरोड शहर में देखने को मिली। यहां आबू पर्वत होने वाली मुख्यमंत्री की धन्यवाद अब के लिए जिलेभर लोगों को जुटाने के लिए डीजल फूंकने का नजारा दिखा।

आबू पर्वत पर आबूराज धन्यवाद सभा में लोगों को लाने के लिए लगाए वाहनों पर लगे स्टीकर।

माउंट आबू को यूं तो आबू पर्वत बोला जाता है। पर्वत को अंग्रेजी में माउंट बोलते हैं तो भाजपा को लगा कि माउंट आबू अंग्रेजी नाम है। तो भाजपा नेताओं की मांग पर माउंट आबू का नाम बदलकर आबू पर्वत किया गया। इसी की उपलब्धि बटोरने के लिए राज्य सरकार ने 20 जून की शाम को आबू पर्वत पर आबूराज धन्यवाद सभा आयोजन किया। मुख्यमंत्री को इसमें हिस्सा लेना है। अगले दिन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का कार्यक्रम भी यहीं है। इसमें भी उन्हें हिस्सा लेना है। सभा के लिए जिले भर से लोगों को एकत्रित करने के लिए सरकारी महकमे को लगाया गया।

इनकी जिम्मेदारी जिले भर के गांवों से प्रशासन द्वारा मुहैया करवाई गई बसों के माध्यम से लोगों को आबू पर्वत ले जाना था। सूत्रों के अनुसार करीब 100 बसें सीएम की सभा के लिए जानी हैं। इनमें से 40 आबूरोड से, 35 पिंडवाड़ा से और करीब 30 गाड़ियां रेवदर सिरोही आदि क्षेत्र से लोगों को ले जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन की तरफ से डीजल पेट्रोल की व्यवस्था की गई है। आबूरोड के ही एक पेट्रोल पंप पर मुख्यमंत्री की आबू पर्वत की सभा के लिए डीजल भरवाने के लिए बसों की कतार लगी हुई थी। जो स्पष्ट संदेश दे रही थी कि पर उपदेश कुशल बहुतेरे। प्रधानमंत्री का जो उपदेश वो जनता के लिए था मुख्यमंत्री के लिए नहीं। प्रधानमंत्री की अपील पर अपने काफिले की पर अपने काफिले की 70 प्रतिशत वाहन कम करने की हेडलाइन बनाने वाली मुख्यमंत्री भजनलाल की रैली के लिए राजस्थान सरकार ने सैकड़ों वाहनों के माध्यम से डीजल फूंक दिया। रैली के राजनीतिक उद्देश्यों भी सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, माउंट आबू को आबूराज करने का मुद्दा पूर्णतः स्थानीय है। माउंट आबू में कुले 20 हजार आसपास वोटर हैं। भाजपा और कांग्रेस के बीच वोटो का अंतर भी कुछ ज्यादा नहीं है। ये क्षेत्र पिंडवाड़ा आबू विधानसभा में पड़ता है। तो नाम परिवर्तन से वोटों की गणित में बहुत ज्यादा परिवर्तन हो ये न तो स्थानीय राजनीतिक गलियारे में लग रहा है और न ही प्रशासनिक अमले में इसे लेकर एकराय है।